जागने की दुआ (1)
Alḥamdu lillāhil-ladhī 'aḥyānā ba`da mā 'amātanā wa 'ilayhin-nushūr.
सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत देने के बाद ज़िंदगी दी और उसी की ओर लौटकर जाना है।
Muslim 4/2083
ये दुआएँ सोने के लिए लेटने, रात में करवट बदलने, जागने और ख़्वाब के बाद पढ़ने की हैं। हर दुआ अरबी पाठ, उच्चारण, अर्थ और स्रोत के साथ दी गई है।
Alḥamdu lillāhil-ladhī 'aḥyānā ba`da mā 'amātanā wa 'ilayhin-nushūr.
सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत देने के बाद ज़िंदगी दी और उसी की ओर लौटकर जाना है।
Muslim 4/2083
Lā 'ilāha 'illallāhu waḥdahu la sharīka lahu, lahul-mulku wa lahul-ḥamdu, wa huwa 'alā kulli shay'in qadīr Subḥānallāhi, walḥamdu lillāhi, wa lā 'ilāha 'illallāhu, wallāhu 'akbar, wa lā ḥaula wa lā quwwata 'illā billāhil-`aliyyil-`aẓīm, rabbighfir lī.
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं, उसी की बादशाहत है और उसी के लिए हर प्रशंसा है, और वह हर चीज़ पर क़ादिर है। अल्लाह पाक है। सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है। अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। अल्लाह सबसे बड़ा है। गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी करने की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है, जो बुलंद और ग़ालिब है। ऐ मेरे रब! मुझे बख़्श दे।
Ibn Majah 2/335
Al-ḥamdu lillāhil-ladhī `āfānī fī jasadī, wa radda `alayya rūḥī, wa 'adhina lī bidhikrihi.
सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने मेरे शरीर को स्वास्थ्य दिया और मेरी रूह मुझे लौटा दी और मुझे अपना ज़िक्र करने की इजाज़त दी।
At-Tirmidhi 5/473
'Inna fī khalqi-ssamāwāti wal-'arđi wakhtilāfi-llayli wan-nahāri la'āyātin li'wlī-l-'albāb. Al-ladhīna yadhkurūna-allaha qiyāman wa qu`ūdan wa `alā junūbihim wa yatafakkarūna fī Khalqi-ssamāwāti wal-'arđi rabbanā mā khalaqta hādhā bāţilāan subĥānaka faqinā `adhāban-nār. Rabbanā 'innaka man tudkhili-nnāra faqad 'akhzaytahu wa mā li-žžālimīna min 'anşārin. Rabbanā 'innanā sami`nā munādīan yunādī lil'īmāni 'an 'āminū birabbikum fa 'āmannā. Rabbanā fāghfirlanā dhunūbanā wa kaffir `annā sayyi'ātinā wa tawaffanā ma`a al-'abrāri. Rabbanā wa 'ātinā mā wa`adtanā `alá rusulika wa lā tukhzinā yawmal-qiyāmati 'innaka lā tukhliful-mī`ād. Fāstajāba lahum rabbuhum 'annī lā 'uđī`u `amala `āmilin minkum min dhakarin 'aw 'unthá ba`đukum min ba`đin fa-lladhīna hājarū wa 'ukhrijū min diyārihim wa 'ūdhū fī sabīlī wa qātalū wa qutilū la'ukaffiranna `anhum sayyi'ātihim wa la'udkhilannahum jannātin tajrī min taĥtihāl-'anhāru thawāban min `indil-lahi wal-lāhu `indahu ĥusnuth-thawāb. Lā yaghurrannaka taqallubu 'l-ladhīna kafarū fī l-bilādi. Matā`un qalīlun thumma ma'wāhum jahannamu wa bi'sa 'l-mihād. Lakini 'l-ladhīna 'ttaqaw rabbahum lahum jannātun tajrī min taĥtihā 'l-'anhāru khālidīna fīhā nuzulan min `indi 'l-lahi wa mā `inda 'llahi khayrun li 'l-abrār. Wa 'inna min 'ahli 'l-kitābi laman yu'minu bil-lahi wa mā 'unzila 'ilaykum wa mā 'unzila 'ilayhim khāshi`īna lillahi lā yashtarūna bi'āyāti 'l-lahi thamanan qalīlāan 'ulā'ika lahum 'ajruhum `inda rabbihim 'inna 'l-laha sarī`u al-ĥisāb. Yā 'ayyuhā 'l-ladhīna 'āmanū-şbirū wa şābirū wa rābiţū wa 'ttaqu 'l-laha la`allakum tufliĥūn.
बेशक आसमानों और ज़मीन की रचना और रात-दिन के बदलने में अक़्ल वालों के लिए निशानियाँ हैं। ˹वे लोग˺ जो खड़े, बैठे और लेटे अल्लाह को याद करते हैं और आसमानों और ज़मीन की रचना पर ग़ौर करते हैं ˹और दुआ करते हैं˺: “ऐ हमारे रब! तूने यह सब बेमक़सद पैदा नहीं किया। तू पाक है! हमें आग के अज़ाब से बचा। ऐ हमारे रब! बेशक जिसे तू आग में डाले, उसे तूने ˹पूरी तरह˺ रुसवा कर दिया! और ज़ालिमों का कोई मददगार न होगा। ऐ हमारे रब! हमने एक पुकारने वाले को ˹सच्चे˺ ईमान की ओर बुलाते सुना, ˹वह कहता था˺ ‘अपने रब ˹अकेले˺ पर ईमान लाओ’, तो हम ईमान ले आए। ऐ हमारे रब! हमारे गुनाह बख़्श दे, हमारी बुराइयाँ मिटा दे, और हमें नेक लोगों के साथ मौत दे। ऐ हमारे रब! हमें वह दे जिसका तूने अपने रसूलों के ज़रिये हमसे वादा किया है और क़यामत के दिन हमें रुसवा न कर—बेशक तू अपने वादे के ख़िलाफ़ नहीं करता।” तो उनके रब ने उन्हें जवाब दिया: “मैं तुममें से किसी अमल करने वाले का अमल ज़ाया नहीं करूँगा, चाहे मर्द हो या औरत। तुम सब एक-दूसरे से हो। जिन्होंने हिजरत की, अपने घरों से निकाले गए, मेरी राह में सताए गए, लड़े और ˹कुछ˺ शहीद हुए—मैं ज़रूर उनके गुनाह मिटा दूँगा और उन्हें ऐसे बाग़ों में दाख़िल करूँगा जिनके नीचे नहरें बहती हैं, यह अल्लाह की ओर से बदला है। और अल्लाह ही के पास सबसे अच्छा बदला है!” काफ़िरों का शहरों में चलना-फिरना और ख़ुशहाल होना तुम्हें धोखे में न डाले। यह तो थोड़ा-सा फ़ायदा है। फिर उनका ठिकाना जहन्नम है—और वह कैसा बुरा ठिकाना है! लेकिन जो लोग अपने रब से डरते रहे उनके लिए ऐसे बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें बहती हैं, वे उनमें हमेशा रहेंगे—यह अल्लाह की ओर से मेहमानी है। और जो कुछ अल्लाह के पास है वह नेक लोगों के लिए सबसे बेहतर है। और बेशक अहले-किताब में कुछ ऐसे हैं जो अल्लाह पर और उस पर जो तुम ˹मोमिनों˺ पर उतारा गया और जो उन पर उतारा गया, सच्चे दिल से ईमान रखते हैं। वे अल्लाह के सामने झुके रहते हैं—अल्लाह की आयतों को थोड़े-से फ़ायदे के बदले नहीं बेचते। उनका अज्र उनके रब के पास है। बेशक अल्लाह जल्द हिसाब लेने वाला है। ऐ ईमान वालो! सब्र करो, डटे रहो, निगहबानी करो और अल्लाह से डरते रहो, ताकि तुम कामयाब हो।
Muslim 1/530
Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul huwallāhu aḥad. Allāhuṣ-ṣamad. Lam yalid wa lam yūlad. Wa lam yakun lahu kufuwan aḥad. Reference: Al-Ikhlas 112:1-4. Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul a`ūdhu birabbil-falaq. Min sharri mā khalaq. Wa min sharri ghāsiqin idhā waqab. Wa min sharrin-naffāthāti fil-`uqad. Wa min sharri ḥāsidin idhā ḥasad. Reference: Al-Falaq 113:1-5. Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul a`ūdhu birabbin-nās. Malikin-nās. 'Ilāhin-nās. Min sharri ‘l-waswāsil-khannās. Alladhī yuwaswisu fī ṣudūrin-nās. Minal-jinnati wannās. Reference: An-Nas 114:1-6
दोनों हथेलियाँ मिलाएँ, उनमें (हल्की-सी थूक के साथ) फूँकें और पढ़ें: “अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: वह अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है, सब उसके मोहताज हैं, न उसने किसी को जना और न वह जना गया, और कोई उसका हमसर नहीं। अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: मैं सुबह के रब (अल्लाह) की पनाह माँगता हूँ, हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, और अँधेरी रात की बुराई से जब वह अपने अँधेरे के साथ छा जाए, और गिरहों में फूँकने वालियों (जादू करने वालों) की बुराई से, और हसद करने वाले की बुराई से जब वह हसद करे। अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: मैं लोगों के रब (अल्लाह) की पनाह माँगता हूँ, लोगों के बादशाह, लोगों के माबूद की, वसवसा डालकर पीछे हट जाने वाले की बुराई से, जो लोगों के सीनों में वसवसे डालता है, चाहे जिन्नों में से हो या इंसानों में से।” (फिर अपने जिस्म के जितने हिस्से तक हाथ पहुँच सके उन पर हाथ फेरें, सिर और चेहरे से शुरू करके फिर पूरे जिस्म के अगले हिस्से पर। यह तीन बार करें।)
Muslim 4/1723
Allāhu lā ilāha illā huwa ‘l-Ḥayyul-Qayyūm, lā ta'khudhuhu sinatun wa lā nawm, lahu mā fis-samāwāti wa māfil-ardh, man dhal-ladhī yashfa`u `indahu illā bi'idhnih, ya`lamu mā bayna aydīhim wa mā khalfahum, wa lā yuḥītūna bishay'im-min `ilmihi illā bimā shā', wasi`a kursiyyuhus-samāwāti wal-ardh, wa lā ya'ūduhu hifẓuhumā, wa huwal-`Aliyyu‘l-`Aẓīm.
अल्लाह! उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह हमेशा ज़िंदा है, हर चीज़ को क़ायम रखने और सँभालने वाला है। न उसे ऊँघ आती है और न नींद। जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है सब उसी का है। कौन है जो उसकी इजाज़त के बिना उसके सामने सिफ़ारिश करे? वह जानता है जो कुछ उनके साथ दुनिया में होता है और जो आख़िरत में होगा। और वे उसके इल्म में से किसी चीज़ का घेराव नहीं कर सकते सिवाय उसके जो वह चाहे। उसकी कुर्सी आसमानों और ज़मीन को घेरे हुए है, और उनकी हिफ़ाज़त उसे थकाती नहीं। और वही बुलंद और अज़ीम है।
Al-Baqarah 2:255
Āmanar-Rasūlu bimā unzila ilaihi mir-Rabbihi wa ‘l-mu'minūn, kullun āmana billāhi wa malā'ikatihi wa kutubihi wa rusulih, lā nufarriqu bayna aḥadim-mir-rusulih, wa qālū sami`nā wa aṭa`nā, ghufrānaka Rabbanā wa ilayka ‘l-maṣīr. Lā yukallifu ‘llāhu nafsan illā wus`ahā, lahā mā kasabat wa `alayhā mak-tasabat, Rabbanā lā tu'ākhidhnā in nasīnā aw akhta'nā, Rabbanā wa lā taḥmil `alaynā iṣran kamā ḥamaltahu `alal-ladhīna min qablinā, Rabbanā wa lā tuḥammilnā mā lā ṭāqata lanā bih, wa`fu `annā, waghfir lanā, warḥamnā, Anta mawlānā fanṣurnā `ala ‘l-qawmi ‘l-kāfirīn.
रसूल उस पर ईमान लाए जो उनके रब की ओर से उन पर उतारा गया, और मोमिन भी। हर एक अल्लाह, उसके फ़रिश्तों, उसकी किताबों और उसके रसूलों पर ईमान लाया। वे कहते हैं: “हम उसके रसूलों में से किसी के बीच फ़र्क़ नहीं करते”, और कहते हैं: “हमने सुना और माना। (हम) तेरी बख़्शिश (माँगते हैं) ऐ हमारे रब, और तेरी ही ओर लौटना है।” अल्लाह किसी जान पर उसकी ताक़त से ज़्यादा बोझ नहीं डालता। उसे उसका अज्र मिलता है जो (नेकी) उसने कमाई, और उसकी सज़ा मिलती है जो (बुराई) उसने कमाई। ऐ हमारे रब! अगर हम भूल जाएँ या ग़लती कर बैठें तो हमें न पकड़। ऐ हमारे रब! हम पर ऐसा बोझ न डाल जैसा तूने हमसे पहले लोगों पर डाला। ऐ हमारे रब! हम पर वह बोझ न डाल जिसकी हमें ताक़त नहीं। हमें माफ़ कर दे और हमें बख़्श दे। हम पर रहम फ़रमा। तू हमारा मददगार है, तो काफ़िर क़ौम के मुक़ाबले में हमारी मदद फ़रमा।
Muslim 1/554
Bismika Rabbī waḍa`tu janbī, wa bika arfa`uh, fa in amsakta nafsī farḥamhā, wa in arsaltahā faḥfaẓhā bimā taḥfaẓu bihi `ibādakaṣ-ṣāliḥīn.
ऐ मेरे रब! तेरे नाम के साथ मैंने अपना पहलू रखा; और तेरे ही नाम के साथ उसे उठाऊँगा। अगर तू मेरी जान रोक ले तो उस पर रहम फ़रमा, और अगर तू उसे वापस भेज दे तो उसकी हिफ़ाज़त कर जैसे तू अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है।
Al-Bukhari 1 1/126
Allāhumma innaka khalaqta nafsī wa anta tawaffāhā, laka mamātuhā wa maḥyāhā, in aḥyaytahā faḥfaẓhā, wa in amattahā faghfir lahā. Allāhumma innī as'aluka ‘l-`āfiyah.
ऐ अल्लाह! तूने मेरी जान को पैदा किया और तू ही उसे वापस लेता है। उसकी मौत और उसकी ज़िंदगी तेरे हाथ में है। अगर तू उसे ज़िंदगी दे तो उसकी हिफ़ाज़त फ़रमा, और अगर तू उसे मौत दे तो उसे बख़्श दे। ऐ अल्लाह! मैं तुझसे आफ़ियत माँगता हूँ।
Muslim 4/2083
Allāhumma qinī `adhābaka yawma tab`athu `ibādak.
ऐ अल्लाह! मुझे अपने अज़ाब से बचा उस दिन जब तू अपने बंदों को दोबारा उठाएगा।
Abu Dawud 4/311
Bismika Allāhumma amūtu wa aḥyā.
ऐ अल्लाह! तेरे ही नाम से मैं मरता हूँ और जीता हूँ।
Muslim 4/2083
Subḥānallāh, Wa ‘l-ḥamdu lillāh, Wallāhu Akbar.
अल्लाह पाक है (अरबी में तैंतीस बार), तारीफ़ अल्लाह के लिए है (तैंतीस बार), अल्लाह सबसे बड़ा है (चौंतीस बार)।
Muslim 4/2091
Allāhumma Rabbas-samāwātis-sab`i wa Rabba ‘l-`Arshi ‘l-`Aẓīm, Rabbanā wa Rabba kulli shay', fāliqa ‘l-ḥabbi wan-nawā, wa munzilat-Tawrāti wal-'Injīli, wal-Furqān, a`ūdhu bika min sharri kulli shay'in anta ākhidhun bināṣiyatih. Allāhumma anta ‘l-awwalu falaysa qablaka shay', wa antal-ākhiru falaysa ba`daka shay', wa antaẓ-ẓāhiru falaysa fawqaka shay', wa antal-bāṭinu falaysa dūnaka shay', iqḍi `annad-dayn, wa aghninā mina ‘l-faqr.
ऐ अल्लाह! सातों आसमानों और अज़ीम अर्श के रब! हमारे रब और हर चीज़ के रब! दाने और गुठली को फाड़ने वाले, तौरात, इंजील और फ़ुरक़ान (क़ुरआन) उतारने वाले, मैं तेरी पनाह माँगता हूँ हर उस चीज़ की बुराई से जिसकी पेशानी तेरे क़ब्ज़े में है। ऐ अल्लाह! तू ही अव्वल है, तुझसे पहले कुछ नहीं, और तू ही आख़िर है, तेरे बाद कुछ नहीं। तू ही ज़ाहिर है, तेरे ऊपर कुछ नहीं, और तू ही बातिन है, तुझसे ज़्यादा क़रीब कुछ नहीं। हमारा क़र्ज़ अदा कर दे और हमें मोहताजी से बेनियाज़ कर दे।
Muslim 4/2084
Alḥamdu lillāhil-lathī 'aṭ`amanā wa saqānā, wa kafānā, wa 'āwānā, fakam mimman lā kāfiya lahu wa lā mu'wī.
सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने हमें खिलाया और पिलाया, हमारे लिए काफ़ी हुआ और हमें ठिकाना दिया, कितने ही लोग ऐसे हैं जिनके पास न रिज़्क़ है और न घर।
Muslim 4/2085
Allāhumma `ālima ‘l-ghaybi wash-shahādah, fātiras-samāwāti wa ‘l-ardh, Rabba kulli shay'in wa malīkah, ash-hadu an lā ilāha illā ant, a`ūdhu bika min sharri nafsī, wa min sharrish-shayṭāni wa shirkih, wa an aqtarifa `alā nafsī sū'an, aw ajurrahu ilā Muslim.
ऐ अल्लाह! ग़ैब और ज़ाहिर के जानने वाले, आसमानों और ज़मीन के पैदा करने वाले, हर चीज़ के रब और मालिक, मैं गवाही देता हूँ कि तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। मैं अपने नफ़्स की बुराई से, शैतान की बुराई और उसके शिर्क से तेरी पनाह माँगता हूँ। (और तेरी पनाह माँगता हूँ) इससे कि मैं अपने नफ़्स पर कोई बुराई लाऊँ या किसी मुसलमान को नुक़सान पहुँचाऊँ।
Abu Dawud 4/317
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अरबी में सूरह 32 (अस-सज्दा) और सूरह 67 (अल-मुल्क) पढ़ें।
At-Tirmidhi, An-Nasa'i
Allāhumma aslamtu nafsī ilayk, wa fawwaḍtu amrī ilayk, wa wajjahtu wajhī ilayk, wa alja'tu ẓahrī ilayk, raghbatan wa rahbatan ilayk, lā malja'a wa la manjā minka illā ilayk, āmantu bikitābika ‘l-ladhī anzalt, wa bi-nabiyyika ‘l-ladhī arsalt.
ऐ अल्लाह! मैंने ख़ुद को तेरे हवाले कर दिया, अपना मामला तेरे सुपुर्द कर दिया, अपना रुख़ तेरी ओर कर लिया, और तुझ पर भरोसा करते हुए लेट गया, तुझसे उम्मीद रखते हुए और तुझसे डरते हुए। तेरे सिवा न कोई पनाह है और न कोई जाए फ़रार। मैं तेरी उस किताब (क़ुरआन) पर ईमान लाया जो तूने उतारी, और उस नबी ﷺ पर जिन्हें तूने भेजा।
Muslim 4/2081
Lā ilāha illallāh al-Wāḥidul-Qahhār, Rabbus-samāwāti wa ‘l-arḍi wa mā baynahuma al-`Azīzul-Ghaffār.
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह एक है, सब पर ग़ालिब, आसमानों और ज़मीन और उनके बीच की हर चीज़ का रब, बहुत ग़ालिब, बहुत बख़्शने वाला।
A`ūdhu bikalimāti ‘llāhit-tāmmāti min ghaḍabihi wa `iqābihi wa sharri `ibādih, wa min hamazātish-shayāṭīni wa an yaḥḍurūn.
मैं अल्लाह के कामिल कलिमात की पनाह माँगता हूँ उसके ग़ज़ब और उसके अज़ाब से, उसके बंदों की बुराई से, और शैतानों के वसवसों और उनकी मौजूदगी से।
Abu Dawud 4/12
अपनी बाईं ओर (तीन बार) थूकें। शैतान से और जो आपने देखा उसकी बुराई से अल्लाह की पनाह माँगें (तीन बार)। इसका ज़िक्र किसी से न करें। दूसरी करवट लेट जाएँ।
Muslim 4/1 772
अगर चाहें तो उठकर नमाज़ पढ़ें।
Muslim 4/1773