सोने से पहले की दुआ (13 में से 1)

सोने से पहले की दुआ। सोने, जागने और ख़्वाब की दुआएँ।

“सोने से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “सोने से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 13 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है”। स्रोत: Muslim 4/1723, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

सोने से पहले की दुआ: अरबी पाठ

يَجْمَعُ كَفَّيْهِ ثُمَّ يَنْفُثُ فِيهِمَا فَيَقْرَأُ فِيهِمَا:بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ﴿قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌاللَّهُ الصَّمَدُلَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْوَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُواً أَحَدٌ﴾
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ﴿قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِمِن شَرِّ مَا خَلَقَوَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَوَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِوَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ﴾
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ﴿قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِمَلِكِ النَّاسِإِلَهِ النَّاسِمِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِالَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِمِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ﴾ثُمَّ يَمْسَحُ بِهِمَا مَا اسْتَطَاعَ مِنْ جَسَدِهِ يَبْدَأُ بِهِمَا عَلَى رَأْسِهِ وَوَجْهِهِ وَمَا أَقبَلَ مِنْ جَسَدِهِ(يفعلُ ذلك ثلاثَ مرَّاتٍ)

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul huwallāhu aḥad. Allāhuṣ-ṣamad. Lam yalid wa lam yūlad. Wa lam yakun lahu kufuwan aḥad. Reference: Al-Ikhlas 112:1-4. Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul a`ūdhu birabbil-falaq. Min sharri mā khalaq. Wa min sharri ghāsiqin idhā waqab. Wa min sharrin-naffāthāti fil-`uqad. Wa min sharri ḥāsidin idhā ḥasad. Reference: Al-Falaq 113:1-5. Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul a`ūdhu birabbin-nās. Malikin-nās. 'Ilāhin-nās. Min sharri ‘l-waswāsil-khannās. Alladhī yuwaswisu fī ṣudūrin-nās. Minal-jinnati wannās. Reference: An-Nas 114:1-6

हिंदी अर्थ

दोनों हथेलियाँ मिलाएँ, उनमें (हल्की-सी थूक के साथ) फूँकें और पढ़ें: “अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: वह अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है, सब उसके मोहताज हैं, न उसने किसी को जना और न वह जना गया, और कोई उसका हमसर नहीं। अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: मैं सुबह के रब (अल्लाह) की पनाह माँगता हूँ, हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, और अँधेरी रात की बुराई से जब वह अपने अँधेरे के साथ छा जाए, और गिरहों में फूँकने वालियों (जादू करने वालों) की बुराई से, और हसद करने वाले की बुराई से जब वह हसद करे। अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: मैं लोगों के रब (अल्लाह) की पनाह माँगता हूँ, लोगों के बादशाह, लोगों के माबूद की, वसवसा डालकर पीछे हट जाने वाले की बुराई से, जो लोगों के सीनों में वसवसे डालता है, चाहे जिन्नों में से हो या इंसानों में से।” (फिर अपने जिस्म के जितने हिस्से तक हाथ पहुँच सके उन पर हाथ फेरें, सिर और चेहरे से शुरू करके फिर पूरे जिस्म के अगले हिस्से पर। यह तीन बार करें।)

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “सोने से पहले की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/1723।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“सोने से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “सोने से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 13 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है”। स्रोत: Muslim 4/1723, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“सोने से पहले की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: वह अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है, सब उसके मोहताज हैं, न उसने किसी को जना और न वह जना गया, और कोई उसका हमसर नहीं। अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: मैं सुबह के रब (अल्लाह) की पनाह माँगता हूँ, हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, और अँधेरी रात की बुराई से जब वह अपने अँधेरे के साथ छा जाए, और गिरहों में फूँकने वालियों (जादू करने वालों) की बुराई से, और हसद करने वाले की बुराई से जब वह हसद करे। अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। कहो: मैं लोगों के रब (अल्लाह) की पनाह माँगता हूँ, लोगों के बादशाह, लोगों के माबूद की, वसवसा डालकर पीछे हट जाने वाले की बुराई से, जो लोगों के सीनों में वसवसे डालता है, चाहे जिन्नों में से हो या इंसानों में से।” (फिर अपने जिस्म के जितने हिस्से तक हाथ पहुँच सके उन पर हाथ फेरें, सिर और चेहरे से शुरू करके फिर पूरे जिस्म के अगले हिस्से पर। यह तीन बार करें।).

“सोने से पहले की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul huwallāhu aḥad. Allāhuṣ-ṣamad. Lam yalid wa lam yūlad. Wa lam yakun lahu kufuwan aḥad. Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul a`ūdhu birabbil-falaq. Min sharri mā khalaq. Wa min sharri ghāsiqin idhā waqab. Wa min sharrin-naffāthāti fil-`uqad. Wa min sharri ḥāsidin idhā ḥasad. Bismillāhir-Raḥmānir-Raḥīm. Qul a`ūdhu birabbin-nās. Malikin-nās. 'Ilāhin-nās. Min sharri ‘l-waswāsil-khannās. Alladhī yuwaswisu fī ṣudūrin-nās. Minal-jinnati wannās.

“सोने से पहले की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 4/1723। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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