सोने से पहले की दुआ (13 में से 3)

सोने से पहले की दुआ। सोने, जागने और ख़्वाब की दुआएँ।

“सोने से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “सोने से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 13 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Āmanar-Rasūlu bimā unzila ilaihi mir-Rabbihi wa ‘l-mu'minūn”, और इसका अर्थ है: “रसूल उस पर ईमान लाए जो उनके रब की ओर से उन पर उतारा गया, और मोमिन भी”। स्रोत: Muslim 1/554, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

सोने से पहले की दुआ: अरबी पाठ

﴿ءامَنَ الرَّسُولُ بِمَا أُنزِلَ إِلَيْهِ مِن رَّبِّهِ وَالْمُؤْمِنُونَكُلٌّ ءامَنَ بِاللهِ وَمَلآئِكَتِهِ وَكُتُبِهِ وَرُسُلِهِلاَ نُفَرِّقُ بَيْنَ أَحَدٍ مِّن رُّسُلِهِوَقَالُواْ سَمِعْنَا وَأَطَعْنَاغُفْرَانَكَ رَبَّنَا وَإِلَيْكَ الْمَصِيرُ ﴿٢٨٥﴾لاَ يُكَلِّفُ اللهُ نَفْسًا إِلاَّ وُسْعَهَالَهَا مَا كَسَبَتْ وَعَلَيْهَا مَا اكْتَسَبَتْرَبَّنَا لاَ تُؤَاخِذْنَا إِن نَّسِينَا أَوْ أَخْطَأْنَارَبَّنَا وَلاَ تَحْمِلْ عَلَيْنَا إِصْرًا كَمَا حَمَلْتَهُ عَلَى الَّذِينَ مِن قَبْلِنَارَبَّنَا وَلاَ تُحَمِّلْنَا مَا لاَ طَاقَةَ لَنَا بِهِوَاعْفُ عَنَّا وَاغْفِرْ لَنَا وَارْحَمْنَآأَنتَ مَوْلاَنَا فَانصُرْنَا عَلَى الْقَوْمِ الْكَافِرِينَ ﴿٢٨٦﴾﴾

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Āmanar-Rasūlu bimā unzila ilaihi mir-Rabbihi wa ‘l-mu'minūn, kullun āmana billāhi wa malā'ikatihi wa kutubihi wa rusulih, lā nufarriqu bayna aḥadim-mir-rusulih, wa qālū sami`nā wa aṭa`nā, ghufrānaka Rabbanā wa ilayka ‘l-maṣīr. Lā yukallifu ‘llāhu nafsan illā wus`ahā, lahā mā kasabat wa `alayhā mak-tasabat, Rabbanā lā tu'ākhidhnā in nasīnā aw akhta'nā, Rabbanā wa lā taḥmil `alaynā iṣran kamā ḥamaltahu `alal-ladhīna min qablinā, Rabbanā wa lā tuḥammilnā mā lā ṭāqata lanā bih, wa`fu `annā, waghfir lanā, warḥamnā, Anta mawlānā fanṣurnā `ala ‘l-qawmi ‘l-kāfirīn.

हिंदी अर्थ

रसूल उस पर ईमान लाए जो उनके रब की ओर से उन पर उतारा गया, और मोमिन भी। हर एक अल्लाह, उसके फ़रिश्तों, उसकी किताबों और उसके रसूलों पर ईमान लाया। वे कहते हैं: “हम उसके रसूलों में से किसी के बीच फ़र्क़ नहीं करते”, और कहते हैं: “हमने सुना और माना। (हम) तेरी बख़्शिश (माँगते हैं) ऐ हमारे रब, और तेरी ही ओर लौटना है।” अल्लाह किसी जान पर उसकी ताक़त से ज़्यादा बोझ नहीं डालता। उसे उसका अज्र मिलता है जो (नेकी) उसने कमाई, और उसकी सज़ा मिलती है जो (बुराई) उसने कमाई। ऐ हमारे रब! अगर हम भूल जाएँ या ग़लती कर बैठें तो हमें न पकड़। ऐ हमारे रब! हम पर ऐसा बोझ न डाल जैसा तूने हमसे पहले लोगों पर डाला। ऐ हमारे रब! हम पर वह बोझ न डाल जिसकी हमें ताक़त नहीं। हमें माफ़ कर दे और हमें बख़्श दे। हम पर रहम फ़रमा। तू हमारा मददगार है, तो काफ़िर क़ौम के मुक़ाबले में हमारी मदद फ़रमा।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “सोने से पहले की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/554।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“सोने से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “सोने से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 13 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Āmanar-Rasūlu bimā unzila ilaihi mir-Rabbihi wa ‘l-mu'minūn”, और इसका अर्थ है: “रसूल उस पर ईमान लाए जो उनके रब की ओर से उन पर उतारा गया, और मोमिन भी”। स्रोत: Muslim 1/554, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“सोने से पहले की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

रसूल उस पर ईमान लाए जो उनके रब की ओर से उन पर उतारा गया, और मोमिन भी। हर एक अल्लाह, उसके फ़रिश्तों, उसकी किताबों और उसके रसूलों पर ईमान लाया। वे कहते हैं: “हम उसके रसूलों में से किसी के बीच फ़र्क़ नहीं करते”, और कहते हैं: “हमने सुना और माना। (हम) तेरी बख़्शिश (माँगते हैं) ऐ हमारे रब, और तेरी ही ओर लौटना है।” अल्लाह किसी जान पर उसकी ताक़त से ज़्यादा बोझ नहीं डालता। उसे उसका अज्र मिलता है जो (नेकी) उसने कमाई, और उसकी सज़ा मिलती है जो (बुराई) उसने कमाई। ऐ हमारे रब! अगर हम भूल जाएँ या ग़लती कर बैठें तो हमें न पकड़। ऐ हमारे रब! हम पर ऐसा बोझ न डाल जैसा तूने हमसे पहले लोगों पर डाला। ऐ हमारे रब! हम पर वह बोझ न डाल जिसकी हमें ताक़त नहीं। हमें माफ़ कर दे और हमें बख़्श दे। हम पर रहम फ़रमा। तू हमारा मददगार है, तो काफ़िर क़ौम के मुक़ाबले में हमारी मदद फ़रमा।

“सोने से पहले की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Āmanar-Rasūlu bimā unzila ilaihi mir-Rabbihi wa ‘l-mu'minūn, kullun āmana billāhi wa malā'ikatihi wa kutubihi wa rusulih, lā nufarriqu bayna aḥadim-mir-rusulih, wa qālū sami`nā wa aṭa`nā, ghufrānaka Rabbanā wa ilayka ‘l-maṣīr. Lā yukallifu ‘llāhu nafsan illā wus`ahā, lahā mā kasabat wa `alayhā mak-tasabat, Rabbanā lā tu'ākhidhnā in nasīnā aw akhta'nā, Rabbanā wa lā taḥmil `alaynā iṣran kamā ḥamaltahu `alal-ladhīna min qablinā, Rabbanā wa lā tuḥammilnā mā lā ṭāqata lanā bih, wa`fu `annā, waghfir lanā, warḥamnā, Anta mawlānā fanṣurnā `ala ‘l-qawmi ‘l-kāfirīn.

“सोने से पहले की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 1/554। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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