जागने की दुआ (4 में से 2)

जागने की दुआ। सोने, जागने और ख़्वाब की दुआएँ।

“जागने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “जागने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Lā 'ilāha 'illallāhu waḥdahu la sharīka lahu”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं”। स्रोत: Ibn Majah 2/335, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

जागने की दुआ: अरबी पाठ

لا إلهَ إلاّ اللّهُ وَحْدَهُ لا شَريكَ له،لهُ المُلكُ ولهُ الحَمد،وهوَ على كلّ شيءٍ قدير،سُبْحانَ اللهِ، والحمْدُ لله،ولا إلهَ إلاّ اللهُ واللهُ أكبَر،وَلا حَولَ وَلا قوّة إلاّ باللّهِ العليّ العظيم،رَبِّ اغْفرْ لي

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Lā 'ilāha 'illallāhu waḥdahu la sharīka lahu, lahul-mulku wa lahul-ḥamdu, wa huwa 'alā kulli shay'in qadīr Subḥānallāhi, walḥamdu lillāhi, wa lā 'ilāha 'illallāhu, wallāhu 'akbar, wa lā ḥaula wa lā quwwata 'illā billāhil-`aliyyil-`aẓīm, rabbighfir lī.

हिंदी अर्थ

अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं, उसी की बादशाहत है और उसी के लिए हर प्रशंसा है, और वह हर चीज़ पर क़ादिर है। अल्लाह पाक है। सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है। अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। अल्लाह सबसे बड़ा है। गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी करने की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है, जो बुलंद और ग़ालिब है। ऐ मेरे रब! मुझे बख़्श दे।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “जागने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ibn Majah 2/335।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“जागने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “जागने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Lā 'ilāha 'illallāhu waḥdahu la sharīka lahu”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं”। स्रोत: Ibn Majah 2/335, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“जागने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं, उसी की बादशाहत है और उसी के लिए हर प्रशंसा है, और वह हर चीज़ पर क़ादिर है। अल्लाह पाक है। सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है। अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। अल्लाह सबसे बड़ा है। गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी करने की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है, जो बुलंद और ग़ालिब है। ऐ मेरे रब! मुझे बख़्श दे।

“जागने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Lā 'ilāha 'illallāhu waḥdahu la sharīka lahu, lahul-mulku wa lahul-ḥamdu, wa huwa 'alā kulli shay'in qadīr Subḥānallāhi, walḥamdu lillāhi, wa lā 'ilāha 'illallāhu, wallāhu 'akbar, wa lā ḥaula wa lā quwwata 'illā billāhil-`aliyyil-`aẓīm, rabbighfir lī.

“जागने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Ibn Majah 2/335। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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