जागने की दुआ (4 में से 1)

जागने की दुआ। सोने, जागने और ख़्वाब की दुआएँ।

“जागने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “जागने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Alḥamdu lillāhil-ladhī 'aḥyānā”, और इसका अर्थ है: “सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत देने के बाद ज़िंदगी दी”। स्रोत: Muslim 4/2083, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

जागने की दुआ: अरबी पाठ

الحَمْدُ لِلّهِ الّذي أَحْيانابَعْدَ ما أَماتَناوَإليه النُّشور

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Alḥamdu lillāhil-ladhī 'aḥyānā ba`da mā 'amātanā wa 'ilayhin-nushūr.

हिंदी अर्थ

सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत देने के बाद ज़िंदगी दी और उसी की ओर लौटकर जाना है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “जागने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/2083।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“जागने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “जागने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Alḥamdu lillāhil-ladhī 'aḥyānā”, और इसका अर्थ है: “सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत देने के बाद ज़िंदगी दी”। स्रोत: Muslim 4/2083, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“जागने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत देने के बाद ज़िंदगी दी और उसी की ओर लौटकर जाना है।

“जागने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Alḥamdu lillāhil-ladhī 'aḥyānā ba`da mā 'amātanā wa 'ilayhin-nushūr.

“जागने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 4/2083। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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