जागने की दुआ (4 में से 4)
जागने की दुआ। सोने, जागने और ख़्वाब की दुआएँ।
“जागने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “जागने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “'Inna fī khalqi-ssamāwāti wal-'arđi wakhtilāfi-llayli wan-nahāri la'āyātin li'wlī-l-'albāb”, और इसका अर्थ है: “बेशक आसमानों और ज़मीन की रचना और रात-दिन के बदलने में अक़्ल वालों के लिए निशानियाँ हैं”। स्रोत: Muslim 1/530, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
जागने की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
'Inna fī khalqi-ssamāwāti wal-'arđi wakhtilāfi-llayli wan-nahāri la'āyātin li'wlī-l-'albāb. Al-ladhīna yadhkurūna-allaha qiyāman wa qu`ūdan wa `alā junūbihim wa yatafakkarūna fī Khalqi-ssamāwāti wal-'arđi rabbanā mā khalaqta hādhā bāţilāan subĥānaka faqinā `adhāban-nār. Rabbanā 'innaka man tudkhili-nnāra faqad 'akhzaytahu wa mā li-žžālimīna min 'anşārin. Rabbanā 'innanā sami`nā munādīan yunādī lil'īmāni 'an 'āminū birabbikum fa 'āmannā. Rabbanā fāghfirlanā dhunūbanā wa kaffir `annā sayyi'ātinā wa tawaffanā ma`a al-'abrāri. Rabbanā wa 'ātinā mā wa`adtanā `alá rusulika wa lā tukhzinā yawmal-qiyāmati 'innaka lā tukhliful-mī`ād. Fāstajāba lahum rabbuhum 'annī lā 'uđī`u `amala `āmilin minkum min dhakarin 'aw 'unthá ba`đukum min ba`đin fa-lladhīna hājarū wa 'ukhrijū min diyārihim wa 'ūdhū fī sabīlī wa qātalū wa qutilū la'ukaffiranna `anhum sayyi'ātihim wa la'udkhilannahum jannātin tajrī min taĥtihāl-'anhāru thawāban min `indil-lahi wal-lāhu `indahu ĥusnuth-thawāb. Lā yaghurrannaka taqallubu 'l-ladhīna kafarū fī l-bilādi. Matā`un qalīlun thumma ma'wāhum jahannamu wa bi'sa 'l-mihād. Lakini 'l-ladhīna 'ttaqaw rabbahum lahum jannātun tajrī min taĥtihā 'l-'anhāru khālidīna fīhā nuzulan min `indi 'l-lahi wa mā `inda 'llahi khayrun li 'l-abrār. Wa 'inna min 'ahli 'l-kitābi laman yu'minu bil-lahi wa mā 'unzila 'ilaykum wa mā 'unzila 'ilayhim khāshi`īna lillahi lā yashtarūna bi'āyāti 'l-lahi thamanan qalīlāan 'ulā'ika lahum 'ajruhum `inda rabbihim 'inna 'l-laha sarī`u al-ĥisāb. Yā 'ayyuhā 'l-ladhīna 'āmanū-şbirū wa şābirū wa rābiţū wa 'ttaqu 'l-laha la`allakum tufliĥūn.
हिंदी अर्थ
बेशक आसमानों और ज़मीन की रचना और रात-दिन के बदलने में अक़्ल वालों के लिए निशानियाँ हैं। ˹वे लोग˺ जो खड़े, बैठे और लेटे अल्लाह को याद करते हैं और आसमानों और ज़मीन की रचना पर ग़ौर करते हैं ˹और दुआ करते हैं˺: “ऐ हमारे रब! तूने यह सब बेमक़सद पैदा नहीं किया। तू पाक है! हमें आग के अज़ाब से बचा। ऐ हमारे रब! बेशक जिसे तू आग में डाले, उसे तूने ˹पूरी तरह˺ रुसवा कर दिया! और ज़ालिमों का कोई मददगार न होगा। ऐ हमारे रब! हमने एक पुकारने वाले को ˹सच्चे˺ ईमान की ओर बुलाते सुना, ˹वह कहता था˺ ‘अपने रब ˹अकेले˺ पर ईमान लाओ’, तो हम ईमान ले आए। ऐ हमारे रब! हमारे गुनाह बख़्श दे, हमारी बुराइयाँ मिटा दे, और हमें नेक लोगों के साथ मौत दे। ऐ हमारे रब! हमें वह दे जिसका तूने अपने रसूलों के ज़रिये हमसे वादा किया है और क़यामत के दिन हमें रुसवा न कर—बेशक तू अपने वादे के ख़िलाफ़ नहीं करता।” तो उनके रब ने उन्हें जवाब दिया: “मैं तुममें से किसी अमल करने वाले का अमल ज़ाया नहीं करूँगा, चाहे मर्द हो या औरत। तुम सब एक-दूसरे से हो। जिन्होंने हिजरत की, अपने घरों से निकाले गए, मेरी राह में सताए गए, लड़े और ˹कुछ˺ शहीद हुए—मैं ज़रूर उनके गुनाह मिटा दूँगा और उन्हें ऐसे बाग़ों में दाख़िल करूँगा जिनके नीचे नहरें बहती हैं, यह अल्लाह की ओर से बदला है। और अल्लाह ही के पास सबसे अच्छा बदला है!” काफ़िरों का शहरों में चलना-फिरना और ख़ुशहाल होना तुम्हें धोखे में न डाले। यह तो थोड़ा-सा फ़ायदा है। फिर उनका ठिकाना जहन्नम है—और वह कैसा बुरा ठिकाना है! लेकिन जो लोग अपने रब से डरते रहे उनके लिए ऐसे बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें बहती हैं, वे उनमें हमेशा रहेंगे—यह अल्लाह की ओर से मेहमानी है। और जो कुछ अल्लाह के पास है वह नेक लोगों के लिए सबसे बेहतर है। और बेशक अहले-किताब में कुछ ऐसे हैं जो अल्लाह पर और उस पर जो तुम ˹मोमिनों˺ पर उतारा गया और जो उन पर उतारा गया, सच्चे दिल से ईमान रखते हैं। वे अल्लाह के सामने झुके रहते हैं—अल्लाह की आयतों को थोड़े-से फ़ायदे के बदले नहीं बेचते। उनका अज्र उनके रब के पास है। बेशक अल्लाह जल्द हिसाब लेने वाला है। ऐ ईमान वालो! सब्र करो, डटे रहो, निगहबानी करो और अल्लाह से डरते रहो, ताकि तुम कामयाब हो।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “जागने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/530।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“जागने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “जागने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “'Inna fī khalqi-ssamāwāti wal-'arđi wakhtilāfi-llayli wan-nahāri la'āyātin li'wlī-l-'albāb”, और इसका अर्थ है: “बेशक आसमानों और ज़मीन की रचना और रात-दिन के बदलने में अक़्ल वालों के लिए निशानियाँ हैं”। स्रोत: Muslim 1/530, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“जागने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
बेशक आसमानों और ज़मीन की रचना और रात-दिन के बदलने में अक़्ल वालों के लिए निशानियाँ हैं। ˹वे लोग˺ जो खड़े, बैठे और लेटे अल्लाह को याद करते हैं और आसमानों और ज़मीन की रचना पर ग़ौर करते हैं ˹और दुआ करते हैं˺: “ऐ हमारे रब! तूने यह सब बेमक़सद पैदा नहीं किया। तू पाक है! हमें आग के अज़ाब से बचा। ऐ हमारे रब! बेशक जिसे तू आग में डाले, उसे तूने ˹पूरी तरह˺ रुसवा कर दिया! और ज़ालिमों का कोई मददगार न होगा। ऐ हमारे रब! हमने एक पुकारने वाले को ˹सच्चे˺ ईमान की ओर बुलाते सुना, ˹वह कहता था˺ ‘अपने रब ˹अकेले˺ पर ईमान लाओ’, तो हम ईमान ले आए। ऐ हमारे रब! हमारे गुनाह बख़्श दे, हमारी बुराइयाँ मिटा दे, और हमें नेक लोगों के साथ मौत दे। ऐ हमारे रब! हमें वह दे जिसका तूने अपने रसूलों के ज़रिये हमसे वादा किया है और क़यामत के दिन हमें रुसवा न कर—बेशक तू अपने वादे के ख़िलाफ़ नहीं करता।” तो उनके रब ने उन्हें जवाब दिया: “मैं तुममें से किसी अमल करने वाले का अमल ज़ाया नहीं करूँगा, चाहे मर्द हो या औरत। तुम सब एक-दूसरे से हो। जिन्होंने हिजरत की, अपने घरों से निकाले गए, मेरी राह में सताए गए, लड़े और ˹कुछ˺ शहीद हुए—मैं ज़रूर उनके गुनाह मिटा दूँगा और उन्हें ऐसे बाग़ों में दाख़िल करूँगा जिनके नीचे नहरें बहती हैं, यह अल्लाह की ओर से बदला है। और अल्लाह ही के पास सबसे अच्छा बदला है!” काफ़िरों का शहरों में चलना-फिरना और ख़ुशहाल होना तुम्हें धोखे में न डाले। यह तो थोड़ा-सा फ़ायदा है। फिर उनका ठिकाना जहन्नम है—और वह कैसा बुरा ठिकाना है! लेकिन जो लोग अपने रब से डरते रहे उनके लिए ऐसे बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें बहती हैं, वे उनमें हमेशा रहेंगे—यह अल्लाह की ओर से मेहमानी है। और जो कुछ अल्लाह के पास है वह नेक लोगों के लिए सबसे बेहतर है। और बेशक अहले-किताब में कुछ ऐसे हैं जो अल्लाह पर और उस पर जो तुम ˹मोमिनों˺ पर उतारा गया और जो उन पर उतारा गया, सच्चे दिल से ईमान रखते हैं। वे अल्लाह के सामने झुके रहते हैं—अल्लाह की आयतों को थोड़े-से फ़ायदे के बदले नहीं बेचते। उनका अज्र उनके रब के पास है। बेशक अल्लाह जल्द हिसाब लेने वाला है। ऐ ईमान वालो! सब्र करो, डटे रहो, निगहबानी करो और अल्लाह से डरते रहो, ताकि तुम कामयाब हो।
“जागने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): 'Inna fī khalqi-ssamāwāti wal-'arđi wakhtilāfi-llayli wan-nahāri la'āyātin li'wlī-l-'albāb. Al-ladhīna yadhkurūna-allaha qiyāman wa qu`ūdan wa `alā junūbihim wa yatafakkarūna fī Khalqi-ssamāwāti wal-'arđi rabbanā mā khalaqta hādhā bāţilāan subĥānaka faqinā `adhāban-nār. Rabbanā 'innaka man tudkhili-nnāra faqad 'akhzaytahu wa mā li-žžālimīna min 'anşārin. Rabbanā 'innanā sami`nā munādīan yunādī lil'īmāni 'an 'āminū birabbikum fa 'āmannā. Rabbanā fāghfirlanā dhunūbanā wa kaffir `annā sayyi'ātinā wa tawaffanā ma`a al-'abrāri. Rabbanā wa 'ātinā mā wa`adtanā `alá rusulika wa lā tukhzinā yawmal-qiyāmati 'innaka lā tukhliful-mī`ād. Fāstajāba lahum rabbuhum 'annī lā 'uđī`u `amala `āmilin minkum min dhakarin 'aw 'unthá ba`đukum min ba`đin fa-lladhīna hājarū wa 'ukhrijū min diyārihim wa 'ūdhū fī sabīlī wa qātalū wa qutilū la'ukaffiranna `anhum sayyi'ātihim wa la'udkhilannahum jannātin tajrī min taĥtihāl-'anhāru thawāban min `indil-lahi wal-lāhu `indahu ĥusnuth-thawāb. Lā yaghurrannaka taqallubu 'l-ladhīna kafarū fī l-bilādi. Matā`un qalīlun thumma ma'wāhum jahannamu wa bi'sa 'l-mihād. Lakini 'l-ladhīna 'ttaqaw rabbahum lahum jannātun tajrī min taĥtihā 'l-'anhāru khālidīna fīhā nuzulan min `indi 'l-lahi wa mā `inda 'llahi khayrun li 'l-abrār. Wa 'inna min 'ahli 'l-kitābi laman yu'minu bil-lahi wa mā 'unzila 'ilaykum wa mā 'unzila 'ilayhim khāshi`īna lillahi lā yashtarūna bi'āyāti 'l-lahi thamanan qalīlāan 'ulā'ika lahum 'ajruhum `inda rabbihim 'inna 'l-laha sarī`u al-ĥisāb. Yā 'ayyuhā 'l-ladhīna 'āmanū-şbirū wa şābirū wa rābiţū wa 'ttaqu 'l-laha la`allakum tufliĥūn.
“जागने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 1/530। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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