नींद में बेचैनी या डर की दुआ
नींद में बेचैनी या डर की दुआ। सोने, जागने और ख़्वाब की दुआएँ।
“नींद में बेचैनी या डर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“नींद में बेचैनी या डर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “A`ūdhu bikalimāti ‘llāhit-tāmmāti”, और इसका अर्थ है: “मैं अल्लाह के कामिल कलिमात की पनाह माँगता हूँ”। स्रोत: Abu Dawud 4/12, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
नींद में बेचैनी या डर की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
A`ūdhu bikalimāti ‘llāhit-tāmmāti min ghaḍabihi wa `iqābihi wa sharri `ibādih, wa min hamazātish-shayāṭīni wa an yaḥḍurūn.
हिंदी अर्थ
मैं अल्लाह के कामिल कलिमात की पनाह माँगता हूँ उसके ग़ज़ब और उसके अज़ाब से, उसके बंदों की बुराई से, और शैतानों के वसवसों और उनकी मौजूदगी से।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “नींद में बेचैनी या डर की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Abu Dawud 4/12।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“नींद में बेचैनी या डर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“नींद में बेचैनी या डर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “A`ūdhu bikalimāti ‘llāhit-tāmmāti”, और इसका अर्थ है: “मैं अल्लाह के कामिल कलिमात की पनाह माँगता हूँ”। स्रोत: Abu Dawud 4/12, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“नींद में बेचैनी या डर की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
मैं अल्लाह के कामिल कलिमात की पनाह माँगता हूँ उसके ग़ज़ब और उसके अज़ाब से, उसके बंदों की बुराई से, और शैतानों के वसवसों और उनकी मौजूदगी से।
“नींद में बेचैनी या डर की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): A`ūdhu bikalimāti ‘llāhit-tāmmāti min ghaḍabihi wa `iqābihi wa sharri `ibādih, wa min hamazātish-shayāṭīni wa an yaḥḍurūn.
“नींद में बेचैनी या डर की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Abu Dawud 4/12। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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