नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद) (6 में से 3)
नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत आने वाली 6 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Wajjahtu wajhiya li 'l-ladhî faṭara s-samāwāti wa 'l-arḍa”, और इसका अर्थ है: “मैंने यकसू होकर अपना रुख़ उसकी ओर कर लिया जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा किया”। स्रोत: Muslim 1/534, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद): अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Wajjahtu wajhiya li 'l-ladhî faṭara s-samāwāti wa 'l-arḍa, ḥanīfan wa mā ana min al-mushrikīna. Inna salāti wa nusukī, wa mahyāya wa mamātī lillāhi rabbi 'l-`ālamīna, lā sharīka lahu. Wa bi dhālika umirtu wa ana min al-muslimīna. Allāhumma anta 'l-maliku lā ilāha illā anta. Anta rabbī wa ana `abduka, ẓalamtu nafsī wa`taraftu bi dhanbī. Faghfir lī dhunūbī jamī`an, innahu lā yaghfiru 'dh-dhunūba illā anta. Wahdinī li-aḥsani 'l-akhlāqi, lā yahdī li aḥsanihā illā anta. Waṣrif `annī sayyi'ahā, lā yaṣrifu `annī sayyi'ahā illā anta. Labbayka wa sa`dayka, wa 'l-khayru kulluhu bi yadayka, wa 'sh-sharru laysa ilayka, ana bika wa ilayka, tabārakta wa ta`ālayta, astaghfiruka wa atūbu ilayka.
हिंदी अर्थ
“मैंने यकसू होकर अपना रुख़ उसकी ओर कर लिया जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा किया और मैं शिर्क करने वालों में से नहीं हूँ। बेशक मेरी नमाज़, मेरी क़ुर्बानी, मेरी ज़िंदगी और मेरी मौत अल्लाह के लिए है जो सारे जहानों का रब है, उसका कोई साझी नहीं, मुझे इसी का हुक्म दिया गया है और मैं मुसलमानों में से हूँ। ऐ अल्लाह! तू बादशाह है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। तू मेरा रब है और मैं तेरा बंदा हूँ, मैंने अपनी जान पर ज़ुल्म किया और अपने गुनाह का इक़रार किया, तो मेरे सारे गुनाह बख़्श दे क्योंकि तेरे सिवा कोई गुनाह नहीं बख़्शता। मुझे बेहतरीन अख़लाक़ की हिदायत दे क्योंकि तेरे सिवा कोई उसकी हिदायत नहीं देता, और मुझसे बुरे अख़लाक़ दूर कर दे क्योंकि तेरे सिवा कोई उन्हें दूर नहीं करता। मैं हाज़िर हूँ, तेरी पुकार पर लब्बैक, तेरी ख़िदमत में ख़ुश हूँ। सारी भलाई तेरे हाथों में है और बुराई तेरी ओर मंसूब नहीं। मैं तेरी तौफ़ीक़ से हूँ और तेरी ही ओर लौटूँगा। तू बाबरकत और बुलंद है, मैं तुझसे बख़्शिश माँगता हूँ और तेरी ओर तौबा करता हूँ।”
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/534।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत आने वाली 6 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Wajjahtu wajhiya li 'l-ladhî faṭara s-samāwāti wa 'l-arḍa”, और इसका अर्थ है: “मैंने यकसू होकर अपना रुख़ उसकी ओर कर लिया जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा किया”। स्रोत: Muslim 1/534, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ का अर्थ क्या है?
मैंने यकसू होकर अपना रुख़ उसकी ओर कर लिया जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा किया और मैं शिर्क करने वालों में से नहीं हूँ। बेशक मेरी नमाज़, मेरी क़ुर्बानी, मेरी ज़िंदगी और मेरी मौत अल्लाह के लिए है जो सारे जहानों का रब है, उसका कोई साझी नहीं, मुझे इसी का हुक्म दिया गया है और मैं मुसलमानों में से हूँ। ऐ अल्लाह! तू बादशाह है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। तू मेरा रब है और मैं तेरा बंदा हूँ, मैंने अपनी जान पर ज़ुल्म किया और अपने गुनाह का इक़रार किया, तो मेरे सारे गुनाह बख़्श दे क्योंकि तेरे सिवा कोई गुनाह नहीं बख़्शता। मुझे बेहतरीन अख़लाक़ की हिदायत दे क्योंकि तेरे सिवा कोई उसकी हिदायत नहीं देता, और मुझसे बुरे अख़लाक़ दूर कर दे क्योंकि तेरे सिवा कोई उन्हें दूर नहीं करता। मैं हाज़िर हूँ, तेरी पुकार पर लब्बैक, तेरी ख़िदमत में ख़ुश हूँ। सारी भलाई तेरे हाथों में है और बुराई तेरी ओर मंसूब नहीं। मैं तेरी तौफ़ीक़ से हूँ और तेरी ही ओर लौटूँगा। तू बाबरकत और बुलंद है, मैं तुझसे बख़्शिश माँगता हूँ और तेरी ओर तौबा करता हूँ।
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Wajjahtu wajhiya li 'l-ladhî faṭara s-samāwāti wa 'l-arḍa, ḥanīfan wa mā ana min al-mushrikīna. Inna salāti wa nusukī, wa mahyāya wa mamātī lillāhi rabbi 'l-`ālamīna, lā sharīka lahu. Wa bi dhālika umirtu wa ana min al-muslimīna. Allāhumma anta 'l-maliku lā ilāha illā anta. Anta rabbī wa ana `abduka, ẓalamtu nafsī wa`taraftu bi dhanbī. Faghfir lī dhunūbī jamī`an, innahu lā yaghfiru 'dh-dhunūba illā anta. Wahdinī li-aḥsani 'l-akhlāqi, lā yahdī li aḥsanihā illā anta. Waṣrif `annī sayyi'ahā, lā yaṣrifu `annī sayyi'ahā illā anta. Labbayka wa sa`dayka, wa 'l-khayru kulluhu bi yadayka, wa 'sh-sharru laysa ilayka, ana bika wa ilayka, tabārakta wa ta`ālayta, astaghfiruka wa atūbu ilayka.
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 1/534। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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