नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद) (6 में से 2)
नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत आने वाली 6 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subhānaka Allāhumma wa biḥamdika”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है”। स्रोत: At-Tirmidhi 1/77, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद): अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Subhānaka Allāhumma wa biḥamdika, wa tabāraka 'smuka, wa ta'ālā jadduka, wa lā 'ilāha ghayruk.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है। तेरा नाम बाबरकत है और तेरी शान बुलंद है और तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: At-Tirmidhi 1/77।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत आने वाली 6 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subhānaka Allāhumma wa biḥamdika”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है”। स्रोत: At-Tirmidhi 1/77, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! तू पाक है और तेरी ही तारीफ़ है। तेरा नाम बाबरकत है और तेरी शान बुलंद है और तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Subhānaka Allāhumma wa biḥamdika, wa tabāraka 'smuka, wa ta'ālā jadduka, wa lā 'ilāha ghayruk.
“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ का स्रोत क्या है?
At-Tirmidhi 1/77। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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