नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद) (6 में से 4)

नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत आने वाली 6 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma, rabba Jibrā'īla, wa Mīkā'īla, wa Isrāfīla”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! जिब्रील, मीकाईल और इसराफ़ील (बड़े फ़रिश्तों) के रब!”। स्रोत: Muslim 1/534, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद): अरबी पाठ

اللّهُمَّ رَبَّ جِبْرائيل، وَميكائيل، وَإِسْرافيل،فاطِرَ السَّمواتِ وَالأَرْض،عالِمَ الغَيْبِ وَالشَّهادَةِأَنْتَ تَحْكمُ بَيْنَ عِبادِكَ فيما كانوا فيهِ يَخْتَلِفون.اهدِني لِما اخْتُلِفَ فيهِ مِنَ الْحَقِّ بِإِذْنِك،إِنَّكَ تَهْدي مَنْ تَشاءُ إِلى صِراطٍ مُسْتَقيم

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma, rabba Jibrā'īla, wa Mīkā'īla, wa Isrāfīla Fāṭira 's-samāwāti wa 'l-arḍi, ` ālima 'l-ghaybi wa 'sh-shahādati, anta taḥkumu bayna `ibādika fīmā kānū fīhi yakhtalifūna. Ihdinī li makhtulifa fīhi min al-ḥaqqi bi idhnika. Innaka tahdī man tashā'u ilā ṣirāṭin mustaqīm.

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! जिब्रील, मीकाईल और इसराफ़ील (बड़े फ़रिश्तों) के रब! आसमानों और ज़मीन के पैदा करने वाले! ग़ैब और ज़ाहिर के जानने वाले! तू अपने बंदों के बीच उन बातों का फ़ैसला करता है जिनमें वे इख़्तिलाफ़ करते हैं। जिन बातों में इख़्तिलाफ़ किया गया उनमें अपनी तौफ़ीक़ से मुझे हक़ की हिदायत दे, बेशक तू जिसे चाहे सीधे रास्ते की हिदायत देता है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/534।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत आने वाली 6 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma, rabba Jibrā'īla, wa Mīkā'īla, wa Isrāfīla”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! जिब्रील, मीकाईल और इसराफ़ील (बड़े फ़रिश्तों) के रब!”। स्रोत: Muslim 1/534, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! जिब्रील, मीकाईल और इसराफ़ील (बड़े फ़रिश्तों) के रब! आसमानों और ज़मीन के पैदा करने वाले! ग़ैब और ज़ाहिर के जानने वाले! तू अपने बंदों के बीच उन बातों का फ़ैसला करता है जिनमें वे इख़्तिलाफ़ करते हैं। जिन बातों में इख़्तिलाफ़ किया गया उनमें अपनी तौफ़ीक़ से मुझे हक़ की हिदायत दे, बेशक तू जिसे चाहे सीधे रास्ते की हिदायत देता है।

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma, rabba Jibrā'īla, wa Mīkā'īla, wa Isrāfīla Fāṭira 's-samāwāti wa 'l-arḍi, ` ālima 'l-ghaybi wa 'sh-shahādati, anta taḥkumu bayna `ibādika fīmā kānū fīhi yakhtalifūna. Ihdinī li makhtulifa fīhi min al-ḥaqqi bi idhnika. Innaka tahdī man tashā'u ilā ṣirāṭin mustaqīm.

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 1/534। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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