नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद) (6 में से 6)

नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत आने वाली 6 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma lakal-ḥamdu 'Anta nūrussamāwāti wal'arḍhi wa man fīhinna”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! तेरे ही लिए हर प्रशंसा है”। स्रोत: Muslim for a shorter account, 1/532, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद): अरबी पाठ

اللّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ نورُ السَّمواتِ وَالأَرْضِ وَمَنْ فيهِن،وَلَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ قَيِّمُ السَّمواتِ وَالأَرْضِ وَمَنْ فيهِن،
[وَلَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ رَبُّ السَّمواتِ وَالأَرْضِ وَمَنْ فيهِن]
[وَلَكَ الْحَمْدُ لَكَ مُلْكُ السَّمواتِ وَالأَرْضِ وَمَنْ فيهِن]
[وَلَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ مَلِكُ السَّمواتِ وَالأَرْضِ ]
[وَلَكَ الْحَمْدُ]
[أَنْتَ الْحَقّ وَوَعْدُكَ الْحَق،وَقَوْلُكَ الْحَق، وَلِقاؤُكَ الْحَق،وَالْجَنَّةُحَق، وَالنّارُ حَق،وَالنَّبِيّونَ حَق، وَمحَمَّدٌ حَق،وَالسّاعَةُحَق]
[اللّهُمَّ لَكَ أَسْلَمت، وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْت،وَبِكَ آمَنْت، وَإِلَيْكَ أَنَبْت،وَبِكَ خاصَمْت، وَإِلَيْكَ حاكَمْت.فاغْفِرْ لي ما قَدَّمْتُ، وَما أَخَّرْت،وَما أَسْرَرْت، وَما أَعْلَنْت ]
[أَنْتَ المُقَدِّمُ وَأَنْتَ المُؤَخِّر،لا إِاهَ إِلاّ أَنْت]
[أَنْتَ إِلهي لا إِاهَ إِلاّ أَنْت

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma lakal-ḥamdu 'Anta nūrussamāwāti wal'arḍhi wa man fīhinna, wa lakal-ḥamdu 'Anta qayyimus-samāwāti wal'arḍi wa man fīhinna, [wa lakal-ḥamdu 'Anta Rabbus-samāwāti wal'arḍi wa man fīhinna] [wa lakal-ḥamdu laka mulkus-samāwāti wal'arḍi wa man fīhinna] [wa lakal-ḥamdu 'Anta Malikus-samāwāti wal'arḍi] [wa lakal-ḥamdu] ['Antal-ḥaqq, wa wa`dukal-ḥaqq, wa qawlukal-ḥaqq, wa liqā'ukal-ḥaqq, waljannatu ḥaqq, wannāru ḥaqq, wannabiyyūna ḥaqq, wa Muḥammadun (sallallāhu 'alayhi wa sallam) ḥaqq, wassā`atu ḥaqq] [Allāhumma laka 'aslamtu, wa `alayka tawakkaltu, wa bika 'āmantu, wa 'ilayka 'anabtu, wa bika khāṣamtu, wa 'ilayka ḥākamtu. Faghfir lī maa qaddamtu, wa mā 'akhkhartu, wa mā 'asrartu, wa mā 'a`lantu ['Antal-Muqaddimu, wa 'Antal-Mu'akhkhiru laa 'ilāha 'illā 'Anta] ['Anta 'ilāhī lā 'ilāha 'illā 'Anta].

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! तेरे ही लिए हर प्रशंसा है। तू आसमानों और ज़मीन और उनमें जो कुछ है सबका नूर है। तेरे ही लिए हर प्रशंसा है, तू आसमानों और ज़मीन और उनमें जो कुछ है सबको क़ायम रखने वाला है। [तेरे ही लिए हर प्रशंसा है, तू आसमानों और ज़मीन और उनमें जो कुछ है सबका रब है।] [तेरे ही लिए हर प्रशंसा है, आसमानों और ज़मीन और उनमें जो कुछ है सबकी बादशाहत तेरी है।] [तेरे ही लिए हर प्रशंसा है, तू आसमानों और ज़मीन का बादशाह है।] [और तेरे ही लिए हर प्रशंसा है।] [तू हक़ है, तेरा वादा सच्चा है, तेरा फ़रमान सच्चा है, तुझसे मुलाक़ात सच्ची है, जन्नत सच्ची है, जहन्नम सच्चा है, नबी सच्चे हैं, और मुहम्मद ﷺ सच्चे हैं, और क़यामत की घड़ी सच्ची है।] [ऐ अल्लाह! मैंने तेरे आगे सर झुका दिया और तुझ पर भरोसा किया। मैं तुझ पर ईमान लाया और तौबा करके तेरी ओर रुजू किया। तेरी ही मदद से मैंने झगड़ा किया और तुझी से फ़ैसला चाहा। मुझे बख़्श दे जो मैंने आगे भेजा और जो पीछे छोड़ा, जो छुपाया और जो ज़ाहिर किया।] [तू ही आगे करने वाला है और तू ही पीछे करने वाला है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।] [तू ही मेरा माबूद है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।]

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim for a shorter account, 1/532।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” के अंतर्गत आने वाली 6 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma lakal-ḥamdu 'Anta nūrussamāwāti wal'arḍhi wa man fīhinna”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! तेरे ही लिए हर प्रशंसा है”। स्रोत: Muslim for a shorter account, 1/532, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! तेरे ही लिए हर प्रशंसा है। तू आसमानों और ज़मीन और उनमें जो कुछ है सबका नूर है। तेरे ही लिए हर प्रशंसा है, तू आसमानों और ज़मीन और उनमें जो कुछ है सबको क़ायम रखने वाला है। [तेरे ही लिए हर प्रशंसा है, तू आसमानों और ज़मीन और उनमें जो कुछ है सबका रब है।] [तेरे ही लिए हर प्रशंसा है, आसमानों और ज़मीन और उनमें जो कुछ है सबकी बादशाहत तेरी है।] [तेरे ही लिए हर प्रशंसा है, तू आसमानों और ज़मीन का बादशाह है।] [और तेरे ही लिए हर प्रशंसा है।] [तू हक़ है, तेरा वादा सच्चा है, तेरा फ़रमान सच्चा है, तुझसे मुलाक़ात सच्ची है, जन्नत सच्ची है, जहन्नम सच्चा है, नबी सच्चे हैं, और मुहम्मद ﷺ सच्चे हैं, और क़यामत की घड़ी सच्ची है।] [ऐ अल्लाह! मैंने तेरे आगे सर झुका दिया और तुझ पर भरोसा किया। मैं तुझ पर ईमान लाया और तौबा करके तेरी ओर रुजू किया। तेरी ही मदद से मैंने झगड़ा किया और तुझी से फ़ैसला चाहा। मुझे बख़्श दे जो मैंने आगे भेजा और जो पीछे छोड़ा, जो छुपाया और जो ज़ाहिर किया।] [तू ही आगे करने वाला है और तू ही पीछे करने वाला है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।] [तू ही मेरा माबूद है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।].

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma lakal-ḥamdu 'Anta nūrussamāwāti wal'arḍhi wa man fīhinna, wa lakal-ḥamdu 'Anta qayyimus-samāwāti wal'arḍi wa man fīhinna, [wa lakal-ḥamdu 'Anta Rabbus-samāwāti wal'arḍi wa man fīhinna] [wa lakal-ḥamdu laka mulkus-samāwāti wal'arḍi wa man fīhinna] [wa lakal-ḥamdu 'Anta Malikus-samāwāti wal'arḍi] [wa lakal-ḥamdu] ['Antal-ḥaqq, wa wa`dukal-ḥaqq, wa qawlukal-ḥaqq, wa liqā'ukal-ḥaqq, waljannatu ḥaqq, wannāru ḥaqq, wannabiyyūna ḥaqq, wa Muḥammadun (sallallāhu 'alayhi wa sallam) ḥaqq, wassā`atu ḥaqq] [Allāhumma laka 'aslamtu, wa `alayka tawakkaltu, wa bika 'āmantu, wa 'ilayka 'anabtu, wa bika khāṣamtu, wa 'ilayka ḥākamtu. Faghfir lī maa qaddamtu, wa mā 'akhkhartu, wa mā 'asrartu, wa mā 'a`lantu ['Antal-Muqaddimu, wa 'Antal-Mu'akhkhiru laa 'ilāha 'illā 'Anta] ['Anta 'ilāhī lā 'ilāha 'illā 'Anta].

“नमाज़ शुरू करने की दुआ (तकबीर के बाद)” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim for a shorter account, 1/532। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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