जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ (4 में से 3)

जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ। मरीज़ की इयादत, दर्द, जनाज़ा, ताज़ियत।

“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma inna [name the person] fī dhimmatik”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! बेशक [उस शख़्स का नाम] तेरी पनाह में है”। स्रोत: Ibn Majah, Abu Dawud 3/211, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ: अरबी पाठ

اللهُمِّ إِنَّ فُلانَ بْنَ فُلانٍ في ذِمَّتِك،وَحَبْلِ جِوارِك،فَقِهِ مِنْ فِتْنَةِ الْقَبْرِ وَعَذابِ النّار،وَأَنْتَ أَهْلُ الْوَفاءِ وَالْحَقِّ،فَاغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ،إِنَّكَ أَنْتَ الغَفورُ الرَّحيم

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma inna [name the person] fī dhimmatik, wa ḥabli jiwārik, faqihi min fitnati ‘l-qabri wa `adhābin-nār, wa anta ahlu ‘l-wafā'i wa ‘l-ḥaqq. Faghfir lahu warḥamh innaka anta ‘l-Ghafūrur-Raḥīm.

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! बेशक [उस शख़्स का नाम] तेरी पनाह में है, और तेरी अमान की रस्सी में है, तो उसे क़ब्र के फ़ितने और आग के अज़ाब से बचा ले। तू वादे पूरे करता है और हक़ देता है, तो उसे बख़्श दे और उस पर रहम फ़रमा। बेशक तू बहुत बख़्शने वाला, निहायत रहम वाला है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ibn Majah, Abu Dawud 3/211।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma inna [name the person] fī dhimmatik”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! बेशक [उस शख़्स का नाम] तेरी पनाह में है”। स्रोत: Ibn Majah, Abu Dawud 3/211, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! बेशक [उस शख़्स का नाम] तेरी पनाह में है, और तेरी अमान की रस्सी में है, तो उसे क़ब्र के फ़ितने और आग के अज़ाब से बचा ले। तू वादे पूरे करता है और हक़ देता है, तो उसे बख़्श दे और उस पर रहम फ़रमा। बेशक तू बहुत बख़्शने वाला, निहायत रहम वाला है।

“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma inna [name the person] fī dhimmatik, wa ḥabli jiwārik, faqihi min fitnati ‘l-qabri wa `adhābin-nār, wa anta ahlu ‘l-wafā'i wa ‘l-ḥaqq. Faghfir lahu warḥamh innaka anta ‘l-Ghafūrur-Raḥīm.

“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Ibn Majah, Abu Dawud 3/211। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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