जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ (4 में से 4)
जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ। मरीज़ की इयादत, दर्द, जनाज़ा, ताज़ियत।
“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma `abduka wabnu 'amatik”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! तेरा बंदा और तेरी बांदी का बेटा तेरी रहमत का मोहताज है”। स्रोत: Al-Hakim 1/359, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma `abduka wabnu 'amatik iḥtāja ilā raḥmatik, wa anta ghaniyyun `an `adhābih, in kāna muḥsinan fazid fī ḥasanātih, wa in kāna musī'an fatajāwaz `anh.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! तेरा बंदा और तेरी बांदी का बेटा तेरी रहमत का मोहताज है, और तुझे उसे अज़ाब देने की कोई हाजत नहीं। अगर वह नेक था तो उसकी नेकियाँ बढ़ा दे और अगर वह गुनाहगार था तो उसे माफ़ कर दे।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Hakim 1/359।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली 4 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma `abduka wabnu 'amatik”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! तेरा बंदा और तेरी बांदी का बेटा तेरी रहमत का मोहताज है”। स्रोत: Al-Hakim 1/359, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! तेरा बंदा और तेरी बांदी का बेटा तेरी रहमत का मोहताज है, और तुझे उसे अज़ाब देने की कोई हाजत नहीं। अगर वह नेक था तो उसकी नेकियाँ बढ़ा दे और अगर वह गुनाहगार था तो उसे माफ़ कर दे।
“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma `abduka wabnu 'amatik iḥtāja ilā raḥmatik, wa anta ghaniyyun `an `adhābih, in kāna muḥsinan fazid fī ḥasanātih, wa in kāna musī'an fatajāwaz `anh.
“जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Al-Hakim 1/359। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
संबंधित दुआएँ
- जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआاللهُمِّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْه،ऐ अल्लाह! उसे बख़्श दे और उस पर रहम फ़रमा, उसे आफ़ियत दे और उसे माफ़ कर दे। उसकी इज़्ज़त क…
- जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआاللهُمِّ اغْفِرْ لِحَيِّنا وَمَيِّتِنا،ऐ अल्लाह! हमारे ज़िंदों और हमारे मुर्दों को बख़्श दे, जो हमारे साथ मौजूद हैं और जो ग़ैर-हा…
- जनाज़े की नमाज़ में मय्यत के लिए दुआاللهُمِّ إِنَّ فُلانَ بْنَ فُلانٍ في ذِمَّتِك،ऐ अल्लाह! बेशक [उस शख़्स का नाम] तेरी पनाह में है, और तेरी अमान की रस्सी में है, तो उसे क़…
- मरीज़ की इयादत की दुआلا بأْسَ طَهورٌ إِنْ شاءَ اللهफ़िक्र न करो, इंशाअल्लाह यह (तुम्हारे लिए) पाकी का ज़रिया होगा।