ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ
ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ। सलाम, तारीफ़, शुक्र, छींक, ग़ुस्सा।
“ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Alḥamdu lillāhi ‘lladhi bi ni`matihi tatimmuṣ-ṣāliḥāt”, और इसका अर्थ है: “सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसकी नेमत से नेक काम मुकम्मल होते हैं”। स्रोत: Al-Hakim who graded it authentic 1/499, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
When something happened that pleased him, the Prophet (ﷺ) used to say: Alḥamdu lillāhi ‘lladhi bi ni`matihi tatimmuṣ-ṣāliḥāt. And if something happened that displeased him, he used to say: Alḥamdu lillāhi `alā kulli ḥāl.
हिंदी अर्थ
जब नबी ﷺ को कोई ऐसी बात पेश आती जो आपको ख़ुश करती तो फ़रमाते: सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसकी नेमत से नेक काम मुकम्मल होते हैं। और जब कोई नागवार बात पेश आती तो फ़रमाते: हर हाल में प्रशंसा अल्लाह के लिए है।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Hakim who graded it authentic 1/499।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Alḥamdu lillāhi ‘lladhi bi ni`matihi tatimmuṣ-ṣāliḥāt”, और इसका अर्थ है: “सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसकी नेमत से नेक काम मुकम्मल होते हैं”। स्रोत: Al-Hakim who graded it authentic 1/499, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसकी नेमत से नेक काम मुकम्मल होते हैं। हर हाल में प्रशंसा अल्लाह के लिए है।
“ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Alḥamdu lillāhi ‘lladhi bi ni`matihi tatimmuṣ-ṣāliḥāt. Alḥamdu lillāhi `alā kulli ḥāl.
“ख़ुशी या नागवार ख़बर मिलने पर की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Al-Hakim who graded it authentic 1/499। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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