जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे

जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे। सलाम, तारीफ़, शुक्र, छींक, ग़ुस्सा।

“जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Yahdīkumullāhu wa yuṣliḥu bālakum”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह तुम्हें हिदायत दे और तुम्हारे मामले दुरुस्त कर दे”। स्रोत: At-Tirmidhi 5/82, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे: अरबी पाठ

يَهْديكُمُ اللهُ وَيُصْلِحُ بالَكُم

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Yahdīkumullāhu wa yuṣliḥu bālakum.

हिंदी अर्थ

अल्लाह तुम्हें हिदायत दे और तुम्हारे मामले दुरुस्त कर दे।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: At-Tirmidhi 5/82।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Yahdīkumullāhu wa yuṣliḥu bālakum”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह तुम्हें हिदायत दे और तुम्हारे मामले दुरुस्त कर दे”। स्रोत: At-Tirmidhi 5/82, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे” की दुआ का अर्थ क्या है?

अल्लाह तुम्हें हिदायत दे और तुम्हारे मामले दुरुस्त कर दे।

“जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Yahdīkumullāhu wa yuṣliḥu bālakum.

“जब कोई ग़ैर-मुस्लिम छींककर अल्हम्दुलिल्लाह कहे” की दुआ का स्रोत क्या है?

At-Tirmidhi 5/82। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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