बदशगुनी से बचने की दुआ
बदशगुनी से बचने की दुआ। सलाम, तारीफ़, शुक्र, छींक, ग़ुस्सा।
“बदशगुनी से बचने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“बदशगुनी से बचने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma lā ṭayra illā ṭayruk”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! तेरे शगुन के सिवा कोई शगुन नहीं”। स्रोत: Ahmad 2/220, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
बदशगुनी से बचने की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma lā ṭayra illā ṭayruk, wa lā khayra illā khayruk, wa lā ilāha ghayruk.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! तेरे शगुन के सिवा कोई शगुन नहीं, तेरी भलाई के सिवा कोई भलाई नहीं, और तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “बदशगुनी से बचने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ahmad 2/220।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“बदशगुनी से बचने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“बदशगुनी से बचने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma lā ṭayra illā ṭayruk”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! तेरे शगुन के सिवा कोई शगुन नहीं”। स्रोत: Ahmad 2/220, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“बदशगुनी से बचने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! तेरे शगुन के सिवा कोई शगुन नहीं, तेरी भलाई के सिवा कोई भलाई नहीं, और तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।
“बदशगुनी से बचने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma lā ṭayra illā ṭayruk, wa lā khayra illā khayruk, wa lā ilāha ghayruk.
“बदशगुनी से बचने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Ahmad 2/220। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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