मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ

मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ। सलाम, तारीफ़, शुक्र, छींक, ग़ुस्सा।

“मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “जब तुम मुर्ग़ की बाँग सुनो तो अल्लाह से उसका फ़ज़्ल माँगो, क्योंकि उसने कोई फ़रिश्ता देखा है। और जब तुम गधे…”। स्रोत: Muslim 4/2092, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ: अरबी पाठ

إِذَا سَمِعْتُمْ صِيَاحَ الدِّيَكَةِ فَاسْأَلُوا اللَّهَ مِنْ فَضْلِهِ؛ فَإِنَّهَا رَأَتْ مَلَكاً وَإِذَا سَمِعْتُمْ نَهِيقَ الْحِمَارِ فَتَعَوَّذُوا بِاللَّهِ مِنَ الشَّيطَانِ؛ فَإِنَّهُ رَأَى شَيْطَاناً

उच्चारण (लिप्यंतरण)

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हिंदी अर्थ

जब तुम मुर्ग़ की बाँग सुनो तो अल्लाह से उसका फ़ज़्ल माँगो, क्योंकि उसने कोई फ़रिश्ता देखा है। और जब तुम गधे की आवाज़ सुनो तो शैतान से अल्लाह की पनाह माँगो, क्योंकि उसने कोई शैतान देखा है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/2092।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “जब तुम मुर्ग़ की बाँग सुनो तो अल्लाह से उसका फ़ज़्ल माँगो, क्योंकि उसने कोई फ़रिश्ता देखा है। और जब तुम गधे…”। स्रोत: Muslim 4/2092, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

जब तुम मुर्ग़ की बाँग सुनो तो अल्लाह से उसका फ़ज़्ल माँगो, क्योंकि उसने कोई फ़रिश्ता देखा है। और जब तुम गधे की आवाज़ सुनो तो शैतान से अल्लाह की पनाह माँगो, क्योंकि उसने कोई शैतान देखा है।

“मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): --

“मुर्ग़ की बाँग या गधे की आवाज़ सुनकर की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 4/2092। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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