माल पेश करने वाले के लिए दुआ

माल पेश करने वाले के लिए दुआ। सलाम, तारीफ़, शुक्र, छींक, ग़ुस्सा।

“माल पेश करने वाले के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“माल पेश करने वाले के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Bārakallāhu laka fī ahlika wa mālik”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह तुम्हारे घर वालों और माल में बरकत दे”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

माल पेश करने वाले के लिए दुआ: अरबी पाठ

بارَكَ اللهُ لَكَ في أَهْلِكَ وَمالِك

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Bārakallāhu laka fī ahlika wa mālik.

हिंदी अर्थ

अल्लाह तुम्हारे घर वालों और माल में बरकत दे।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “माल पेश करने वाले के लिए दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दी गई दोहराने की संख्या: 1।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“माल पेश करने वाले के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“माल पेश करने वाले के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Bārakallāhu laka fī ahlika wa mālik”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह तुम्हारे घर वालों और माल में बरकत दे”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“माल पेश करने वाले के लिए दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

अल्लाह तुम्हारे घर वालों और माल में बरकत दे।

“माल पेश करने वाले के लिए दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Bārakallāhu laka fī ahlika wa mālik.

“माल पेश करने वाले के लिए दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

“माल पेश करने वाले के लिए दुआ” की दुआ कितनी बार पढ़ी जाए?

स्रोत के अनुसार 1 बार।

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