शरीर में दर्द हो तो की दुआ
शरीर में दर्द हो तो की दुआ। मरीज़ की इयादत, दर्द, जनाज़ा, ताज़ियत।
“शरीर में दर्द हो तो की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“शरीर में दर्द हो तो की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Bismillāh (three times)”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के नाम से (तीन बार)”। स्रोत: Muslim 4/1728, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
शरीर में दर्द हो तो की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Put your hand on the place where you feel pain and say: Bismillāh (three times). Then say seven times: A`ūdhu billāhi wa qudratihi min sharri mā ajidu wa uḥādhir.
हिंदी अर्थ
अपना हाथ उस जगह रखें जहाँ आपको दर्द हो और कहें: अल्लाह के नाम से (तीन बार)। फिर सात बार कहें: मैं अल्लाह की और उसकी क़ुदरत की पनाह माँगता हूँ उस बुराई से जो मैं पाता हूँ और जिससे मैं डरता हूँ।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “शरीर में दर्द हो तो की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/1728।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“शरीर में दर्द हो तो की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“शरीर में दर्द हो तो की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Bismillāh (three times)”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के नाम से (तीन बार)”। स्रोत: Muslim 4/1728, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“शरीर में दर्द हो तो की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
अल्लाह के नाम से (तीन बार)। मैं अल्लाह की और उसकी क़ुदरत की पनाह माँगता हूँ उस बुराई से जो मैं पाता हूँ और जिससे मैं डरता हूँ।
“शरीर में दर्द हो तो की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Bismillāh (three times). A`ūdhu billāhi wa qudratihi min sharri mā ajidu wa uḥādhir.
“शरीर में दर्द हो तो की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 4/1728। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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