किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब

किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब। सलाम, तारीफ़, शुक्र, छींक, ग़ुस्सा।

“किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Aḥsibu fulānan wallāhu ḥasībuh”, और इसका अर्थ है: “मैं फ़लाँ शख़्स को ऐसा समझता हूँ, और अल्लाह उसका हिसाब लेने वाला है, (यानी: और मैं अल्लाह के सामने किसी को…”। स्रोत: Muslim 4/2296, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब: अरबी पाठ

قال صلى الله عليه وسلم: «إِذَا كَانَ أَحَدُكُم مَادِحاً صَاحِبَهُ لاَ مَحَالَةَ فَلْيَقُلْ: أَحْسِبُ فُلاَناً وَاللَّهُ حَسِيبُهُ، وَلاَ أُزَكِّي عَلَى اللَّهِ أَحَداً، أَحْسِبُهُ – إِنْ كَانَ يَعْلَمُ ذَاكَ – كَذَا وَكَذَا»

उच्चारण (लिप्यंतरण)

If any of you praises his companion then let him say: Aḥsibu fulānan wallāhu ḥasībuh wa lā uzakkī `alallāhi aḥada.

हिंदी अर्थ

अगर तुममें से कोई अपने साथी की तारीफ़ करे तो कहे: मैं फ़लाँ शख़्स को ऐसा समझता हूँ, और अल्लाह उसका हिसाब लेने वाला है, (यानी: और मैं अल्लाह के सामने किसी को पाक नहीं ठहरा सकता) अगर उसे यह (अच्छी ख़सलत) ऐसी मालूम हो (उस शख़्स में जो बात क़ाबिल-ए-तारीफ़ समझता हो वह कहे)।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/2296।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Aḥsibu fulānan wallāhu ḥasībuh”, और इसका अर्थ है: “मैं फ़लाँ शख़्स को ऐसा समझता हूँ, और अल्लाह उसका हिसाब लेने वाला है, (यानी: और मैं अल्लाह के सामने किसी को…”। स्रोत: Muslim 4/2296, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब” की दुआ का अर्थ क्या है?

मैं फ़लाँ शख़्स को ऐसा समझता हूँ, और अल्लाह उसका हिसाब लेने वाला है, (यानी: और मैं अल्लाह के सामने किसी को पाक नहीं ठहरा सकता) अगर उसे यह (अच्छी ख़सलत) ऐसी मालूम हो (उस शख़्स में जो बात क़ाबिल-ए-तारीफ़ समझता हो वह कहे)।

“किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Aḥsibu fulānan wallāhu ḥasībuh wa lā uzakkī `alallāhi aḥada.

“किसी मुसलमान की तारीफ़ का अदब” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 4/2296। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

और दुआएँ: अन्य दुआएँ · सभी दुआएँ