क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ
क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ। सलाम, तारीफ़, शुक्र, छींक, ग़ुस्सा।
“क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Bārakallāhu laka fī ahlika wa mālik”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह तुम्हारे घर वालों और माल में बरकत दे”। स्रोत: Ibn Majah 2/809, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Bārakallāhu laka fī ahlika wa mālik, innamā jazā'us-salafi ‘l-ḥamdu wa‘l-adā'.
हिंदी अर्थ
अल्लाह तुम्हारे घर वालों और माल में बरकत दे, बेशक क़र्ज़ का बदला शुक्रिया और (ली हुई चीज़) लौटाना है।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ibn Majah 2/809।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Bārakallāhu laka fī ahlika wa mālik”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह तुम्हारे घर वालों और माल में बरकत दे”। स्रोत: Ibn Majah 2/809, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
अल्लाह तुम्हारे घर वालों और माल में बरकत दे, बेशक क़र्ज़ का बदला शुक्रिया और (ली हुई चीज़) लौटाना है।
“क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Bārakallāhu laka fī ahlika wa mālik, innamā jazā'us-salafi ‘l-ḥamdu wa‘l-adā'.
“क़र्ज़ चुकाए जाने पर क़र्ज़दार के लिए दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Ibn Majah 2/809। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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