मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ
मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ। मरीज़ की इयादत, दर्द, जनाज़ा, ताज़ियत।
“मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma’ghfir li (name of the person)”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! [उस शख़्स का नाम] को बख़्श दे”। स्रोत: Muslim 2/634, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma’ghfir li (name of the person) warfa` darajatahu fi ‘l-mahdiyyīn, wakhlufhu fī `aqibihi fi ‘l-ghābirīn, wagh’fir-lanā wa lahu yā Rabba ‘l-`ālamīn, wafsaḥ lahu fī qabrihi wa nawwir lahu fīh.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! [उस शख़्स का नाम] को बख़्श दे और हिदायत पाने वालों में उसका दर्जा बुलंद कर दे। उसे उन लोगों के रास्ते पर चला जो पहले गुज़र चुके, और हमें और उसे बख़्श दे, ऐ सारे जहानों के रब। उसकी क़ब्र उसके लिए कुशादा कर दे और उसमें उसके लिए नूर कर दे।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 2/634।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma’ghfir li (name of the person)”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! [उस शख़्स का नाम] को बख़्श दे”। स्रोत: Muslim 2/634, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! [उस शख़्स का नाम] को बख़्श दे और हिदायत पाने वालों में उसका दर्जा बुलंद कर दे। उसे उन लोगों के रास्ते पर चला जो पहले गुज़र चुके, और हमें और उसे बख़्श दे, ऐ सारे जहानों के रब। उसकी क़ब्र उसके लिए कुशादा कर दे और उसमें उसके लिए नूर कर दे।
“मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma’ghfir li (name of the person) warfa` darajatahu fi ‘l-mahdiyyīn, wakhlufhu fī `aqibihi fi ‘l-ghābirīn, wagh’fir-lanā wa lahu yā Rabba ‘l-`ālamīn, wafsaḥ lahu fī qabrihi wa nawwir lahu fīh.
“मय्यत की आँखें बंद करते समय की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 2/634। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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