खाने के बाद की दुआ (2 में से 2)

खाने के बाद की दुआ। खाने से पहले और बाद, इफ़्तार।

“खाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “खाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Alhamdu lillāhi ḥamdan kathīran tayyiban mubārakan fīh”, और इसका अर्थ है: “सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, बहुत ज़्यादा, पाकीज़ा और बाबरकत प्रशंसा। ऐ हमारे रब! न इसका [बदला दिया जा सकता है…”। स्रोत: Al-Bukhari 6/214, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

खाने के बाद की दुआ: अरबी पाठ

الْحَمْدُ للهِ حَمْداً كَثيراً طَيِّباً مُبارَكاً فيه،غَيْرَ مَكْفِيٍّ وَلا مُوَدَّعٍ وَلا مُسْتَغْنىً عَنْهُ رَبَّنا

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Alhamdu lillāhi ḥamdan kathīran tayyiban mubārakan fīh, ghayra makfiyyin wa lā muwadda`in, wa lā mustaghnan `anhu Rabbanā.

हिंदी अर्थ

सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, बहुत ज़्यादा, पाकीज़ा और बाबरकत प्रशंसा। ऐ हमारे रब! न इसका [बदला दिया जा सकता है और न] इसे छोड़ा जा सकता है, और न इससे बेनियाज़ हुआ जा सकता है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “खाने के बाद की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari 6/214।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“खाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “खाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Alhamdu lillāhi ḥamdan kathīran tayyiban mubārakan fīh”, और इसका अर्थ है: “सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, बहुत ज़्यादा, पाकीज़ा और बाबरकत प्रशंसा। ऐ हमारे रब! न इसका [बदला दिया जा सकता है…”। स्रोत: Al-Bukhari 6/214, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“खाने के बाद की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, बहुत ज़्यादा, पाकीज़ा और बाबरकत प्रशंसा। ऐ हमारे रब! न इसका [बदला दिया जा सकता है और न] इसे छोड़ा जा सकता है, और न इससे बेनियाज़ हुआ जा सकता है।

“खाने के बाद की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Alhamdu lillāhi ḥamdan kathīran tayyiban mubārakan fīh, ghayra makfiyyin wa lā muwadda`in, wa lā mustaghnan `anhu Rabbanā.

“खाने के बाद की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari 6/214। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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