खाने के बाद की दुआ (2 में से 1)

खाने के बाद की दुआ। खाने से पहले और बाद, इफ़्तार।

“खाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “खाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Alhamdu lillāhi ‘l-ladhī aṭ`amanī hādhā”, और इसका अर्थ है: “सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने मुझे यह खाना खिलाया”। स्रोत: At-Tirmidhi 3/159, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

खाने के बाद की दुआ: अरबी पाठ

الْحَمْدُ للهِ الَّذي أَطْعَمَني هذاوَرَزَقَنيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلا قُوَّة

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Alhamdu lillāhi ‘l-ladhī aṭ`amanī hādhā, wa razaqanīhi min ghayri ḥawlin minnī wa lā quwwah.

हिंदी अर्थ

सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने मुझे यह खाना खिलाया, और मुझे इसका रिज़्क़ दिया जबकि मैं इसकी ताक़त नहीं रखता था और बेबस था।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “खाने के बाद की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: At-Tirmidhi 3/159।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“खाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “खाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Alhamdu lillāhi ‘l-ladhī aṭ`amanī hādhā”, और इसका अर्थ है: “सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने मुझे यह खाना खिलाया”। स्रोत: At-Tirmidhi 3/159, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“खाने के बाद की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

सारी प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है जिसने मुझे यह खाना खिलाया, और मुझे इसका रिज़्क़ दिया जबकि मैं इसकी ताक़त नहीं रखता था और बेबस था।

“खाने के बाद की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Alhamdu lillāhi ‘l-ladhī aṭ`amanī hādhā, wa razaqanīhi min ghayri ḥawlin minnī wa lā quwwah.

“खाने के बाद की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

At-Tirmidhi 3/159। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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