इफ़्तार के समय की दुआ (2 में से 2)

इफ़्तार के समय की दुआ। खाने से पहले और बाद, इफ़्तार।

“इफ़्तार के समय की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “इफ़्तार के समय की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma innī as'aluka”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरी उस रहमत के वास्ते सवाल करता हूँ जो हर चीज़ को घेरे हुए है कि तू मुझे…”। स्रोत: Ibn Majah 1/557, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

इफ़्तार के समय की दुआ: अरबी पाठ

اللّهُمَّ إِنَّي أَسْأَلُكَ بِرَحْمَتِكَ الّتي وَسِعَت كُلَّ شيء،أَنْ تَغْفِرَ لي

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma innī as'aluka bi raḥmatika ‘l-latī wasi`at kulla shay' an taghfira lī.

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरी उस रहमत के वास्ते सवाल करता हूँ जो हर चीज़ को घेरे हुए है कि तू मुझे बख़्श दे।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “इफ़्तार के समय की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ibn Majah 1/557।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“इफ़्तार के समय की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “इफ़्तार के समय की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma innī as'aluka”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरी उस रहमत के वास्ते सवाल करता हूँ जो हर चीज़ को घेरे हुए है कि तू मुझे…”। स्रोत: Ibn Majah 1/557, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“इफ़्तार के समय की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरी उस रहमत के वास्ते सवाल करता हूँ जो हर चीज़ को घेरे हुए है कि तू मुझे बख़्श दे।

“इफ़्तार के समय की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma innī as'aluka bi raḥmatika ‘l-latī wasi`at kulla shay' an taghfira lī.

“इफ़्तार के समय की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Ibn Majah 1/557। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

और दुआएँ: खाना और पीना · सभी दुआएँ