खाने से पहले की दुआ (2 में से 2)
खाने से पहले की दुआ। खाने से पहले और बाद, इफ़्तार।
“खाने से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “खाने से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma bārik lanā fīhi”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! हमें इसमें बरकत दे और हमें इससे बेहतर खिला”। स्रोत: At-Tirmidhi 5/506, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
खाने से पहले की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Whomever Allah has given food, should say: Allāhumma bārik lanā fīhi, wa aṭ`imnā khayran minh. Whomever Allah has given milk to drink, should say : Allāhumma bārik lanā fīhi, wa zidnā minh.
हिंदी अर्थ
अल्लाह जिसे खाना खिलाए वह कहे: ऐ अल्लाह! हमें इसमें बरकत दे और हमें इससे बेहतर खिला। अल्लाह जिसे दूध पिलाए वह कहे: ऐ अल्लाह! हमें इसमें बरकत दे और हमें इसमें और ज़्यादा दे।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “खाने से पहले की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: At-Tirmidhi 5/506।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“खाने से पहले की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “खाने से पहले की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma bārik lanā fīhi”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! हमें इसमें बरकत दे और हमें इससे बेहतर खिला”। स्रोत: At-Tirmidhi 5/506, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“खाने से पहले की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! हमें इसमें बरकत दे और हमें इससे बेहतर खिला। ऐ अल्लाह! हमें इसमें बरकत दे और हमें इसमें और ज़्यादा दे।
“खाने से पहले की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma bārik lanā fīhi, wa aṭ`imnā khayran minh. Allāhumma bārik lanā fīhi, wa zidnā minh.
“खाने से पहले की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
At-Tirmidhi 5/506। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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