मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ
मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ। मरीज़ की इयादत, दर्द, जनाज़ा, ताज़ियत।
“मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma’ghfir lah”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! उसे बख़्श दे”। स्रोत: Abu Dawud 3/315, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है। पूरा अरबी पाठ, उच्चारण और अर्थ नीचे दिया गया है।
मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma’ghfir lah Allāhumma thabbit’h.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! उसे बख़्श दे। ऐ अल्लाह! उसे साबित-क़दमी दे।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Abu Dawud 3/315।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma’ghfir lah”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! उसे बख़्श दे”। स्रोत: Abu Dawud 3/315, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है। पूरा अरबी पाठ, उच्चारण और अर्थ नीचे दिया गया है।
“मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! उसे बख़्श दे। ऐ अल्लाह! उसे साबित-क़दमी दे।
“मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma’ghfir lah Allāhumma thabbit’h.
“मय्यत को दफ़नाने के बाद की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Abu Dawud 3/315। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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