ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ (3 में से 1)

ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।

“ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “A`ūdhu billāh”, और इसका अर्थ है: “(कहें:) मैं अल्लाह की पनाह माँगता हूँ”। स्रोत: Muslim 1/120, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ: अरबी पाठ

يَسْتَعِيذُ بِاللَّهِ.يَنْتَهِي عَمَّا شك فِيهِ.

उच्चारण (लिप्यंतरण)

A`ūdhu billāh

हिंदी अर्थ

(कहें:) मैं अल्लाह की पनाह माँगता हूँ। (फिर उस काम से रुक जाएँ जिसमें आपको शक हो।)

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/120।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “A`ūdhu billāh”, और इसका अर्थ है: “(कहें:) मैं अल्लाह की पनाह माँगता हूँ”। स्रोत: Muslim 1/120, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

(कहें:) मैं अल्लाह की पनाह माँगता हूँ। (फिर उस काम से रुक जाएँ जिसमें आपको शक हो।).

“ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): A`ūdhu billāh

“ईमान में शक में पड़े शख़्स की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 1/120। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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