सूरह Al-'Adiyat العاديات

11 आयतें · मक्की

सूरह Al-'Adiyat में कितनी आयतें हैं?

सूरह Al-'Adiyat क़ुरआन की 114 सूरतों में 100वीं सूरह है और इसमें 11 आयतें हैं। इसे मक्की माना जाता है।

सूरह का क्रम
100 / 114
आयतें
11
वर्गीकरण
मक्की

29 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया. Tanzil Project (tanzil.net), quran-json.

यह सूरह किताब में पढ़ें →

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلْعَٰدِيَٰتِ ضَبْحًا ١

क़सम है उन घोड़ों की, जो पेट से साँस की आवाज़ निकालते हुए डौड़ने वाले हैं!

فَٱلْمُورِيَٰتِ قَدْحًا ٢

फिर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालने वाले घोड़ों की क़सम!

فَٱلْمُغِيرَٰتِ صُبْحًا ٣

फिर सुबह के समय हमला करने वाले (घोड़ों) की क़सम!

فَأَثَرْنَ بِهِۦ نَقْعًا ٤

फिर उससे धूल उड़ाते हैं।

فَوَسَطْنَ بِهِۦ جَمْعًا ٥

फिर वे उसके साथ (दुश्मन की) सेना के बीच घुस जाते हैं।

إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودٌ ٦

निःसंदेह इनसान अपने पालनहार का बड़ा कृतघ्न (नाशुक्रा) है।

وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌ ٧

और निःसंदेह वह इसपर स्वयं गवाह है।[1]

टिप्पणियाँ

[1] (1-7) इन आरंभिक आयतों में मानवजाति (इनसान) की कृतघ्नता का वर्णन किया गया है। जिसकी भूमिका के रूप में एक पशु की कृतज्ञता को शपथ स्वरूप उदाहरण के लिए प्रस्तुत किया गया है। जिसे इनसान पोसता है, और वह अपने स्वामी का इतना भक्त होता है कि उसे अपने ऊपर सवार करके नीचे ऊँचे मार्गों पर रात-दिन की परवाह किए बिना दौड़ता और अपनी जान जोखिम में डाल देता है। परंतु इनसान जिसे अल्लाह ने पैदा किया, समझबूझ दी और उसके जीवन यापन के सभी साधन बनाए, वह उसका उपकार नहीं मानता और जानबूझ कर उसकी अवज्ञा करता है, उसे इस पशु से सीख लेनी चाहिए।

وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلْخَيْرِ لَشَدِيدٌ ٨

और निःसंदेह वह धन के मोह में बड़ा सख़्त है।[2]

टिप्पणियाँ

[2] इस आयत में उसकी कृतघ्नता का कारण बताया गया है कि जिस इनसान को सर्वाधिक प्रेम अल्लाह से होना चाहिए, वही अत्याधिक प्रेम धन से करता है।

أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِى ٱلْقُبُورِ ٩

तो क्या वह नहीं जानता, जब क़ब्रों में जो कुछ है, निकाल बाहर किया जाएगा?

وَحُصِّلَ مَا فِى ٱلصُّدُورِ ١٠

और जो कुछ सीनों में है, वह प्रकट कर दिया जाएगा।[3]

टिप्पणियाँ

[3] (9-10) इन आयतों में सावधान किया गया है कि सांसारिक जीवन के पश्चात एक दूसरा जीवन भी है तथा उसमें अल्लाह के सामने अपने कर्मों का उत्तर देना है, जो प्रत्येक के कर्मों का ही नहीं, उनके सीनों के भेदों को भी प्रकाश में ला कर दिखा देगा कि किसने अपने धन तथा बल का कुप्रयोग कर कृतघ्नता की है, और किसने कृतज्ञता की है। और प्रत्येक को उसका प्रतिकार भी देगा। अतः इनसान को धन के मोह में अंधा तथा अल्लाह का कृतघ्न नहीं होना चाहिए, और उसके सत्धर्म का पालन करना चाहिए।

إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّخَبِيرٌۢ ١١

निःसंदेह उनका पालनहार उस दिन उनके बारे में पूरी ख़बर रखने वाला है।[4]

टिप्पणियाँ

[4] अर्थात वह सूचित होगा कि कौन क्या है, और किस प्रतिकार का भागी है?

ऑनलाइन क़ुरआन पढ़ने के बारे में सवाल

क्या सूरह Al-'Adiyat मक्की है या मदनी?

इस रीडर के डेटा (Tanzil) में सूरह Al-'Adiyat को मक्की माना गया है।

सूरह Al-'Adiyat से पहले और बाद में कौन-सी सूरतें आती हैं?

यह Az-Zalzalah के बाद और Al-Qari'ah से पहले आती है।

क्या मैं सूरह Al-'Adiyat अपनी भाषा में पढ़ सकता हूँ?

जी हाँ। पाठ के ऊपर से 81 भाषाओं के 130 अनुवादों में से कोई चुनें, या सिर्फ़ अरबी पाठ पढ़ें।

क्या मैं सूरह Al-'Adiyat सुन सकता हूँ?

जी हाँ। आयत-दर-आयत सुनने के लिए «सूरह सुनें» दबाएँ, या किसी आयत के पास प्ले बटन। 50 क़ारियों में से किसी एक को चुनें; रिकॉर्डिंग EveryAyah.com से तभी स्ट्रीम होती है जब आप प्ले दबाते हैं।

अरबी पाठ: Tanzil Project (tanzil.net), ज्यों का त्यों। अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari (QuranEnc.com, version 1.1.5), बिना किसी बदलाव के। डेटा: quran-json (CC BY-SA 4.0). तिलावतें: EveryAyah.com (सिर्फ़ तब स्ट्रीम होती हैं जब आप प्ले दबाते हैं)। स्रोत और लाइसेंस