सफ़र में तकबीर और तस्बीह
सफ़र में तकबीर और तस्बीह। सफ़र, शहर, हज और उमरा।
“सफ़र में तकबीर और तस्बीह” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“सफ़र में तकबीर और तस्बीह” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “जाबिर (र.अ.) ने कहा: जब हम किसी ऊँचाई पर चढ़ते तो”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
सफ़र में तकबीर और तस्बीह: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
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हिंदी अर्थ
जाबिर (र.अ.) ने कहा: जब हम किसी ऊँचाई पर चढ़ते तो अल्लाहु अकबर (अल्लाह सबसे बड़ा है) कहते और जब नीचे उतरते तो सुब्हानल्लाह (अल्लाह पाक है) कहते।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “सफ़र में तकबीर और तस्बीह” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“सफ़र में तकबीर और तस्बीह” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“सफ़र में तकबीर और तस्बीह” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “जाबिर (र.अ.) ने कहा: जब हम किसी ऊँचाई पर चढ़ते तो”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“सफ़र में तकबीर और तस्बीह” की दुआ का अर्थ क्या है?
जाबिर (र.अ.) ने कहा: जब हम किसी ऊँचाई पर चढ़ते तो अल्लाहु अकबर (अल्लाह सबसे बड़ा है) कहते और जब नीचे उतरते तो सुब्हानल्लाह (अल्लाह पाक है) कहते।
“सफ़र में तकबीर और तस्बीह” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): --
“सफ़र में तकबीर और तस्बीह” की दुआ का स्रोत क्या है?
Al-Bukhari। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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