शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ
शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ। सफ़र, शहर, हज और उमरा।
“शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma Rabbas-samāwātis-sab`i wa mā aẓlaln”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! सातों आसमानों और उनके साये में आने वाली हर चीज़ के रब”। स्रोत: Al-Hakim, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma Rabbas-samāwātis-sab`i wa mā aẓlaln, Wa Rabba ‘l-arāḍīnas-sab`i wa mā aqlaln, wa Rabbash-shayāṭīni wa mā aḍlaln, wa Rabbar-riyāḥi wa mā dharayn. As'aluka khayra hādhihi ‘l-qaryah, wa khayra ahlihā, wa khayra māfīhā, wa a`ūdhu bika min sharrihā, wa sharri ahlihā, wa sharri mā fīhā.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! सातों आसमानों और उनके साये में आने वाली हर चीज़ के रब, सातों ज़मीनों और उनके उठाए हुए हर चीज़ के रब, शैतानों और उनके गुमराह किए हुओं के रब, हवाओं और उनके उड़ाए हुए हर चीज़ के रब। मैं तुझसे इस शहर की भलाई माँगता हूँ, इसके रहने वालों की भलाई, और जो कुछ इसमें है उसकी भलाई। और तेरी पनाह माँगता हूँ इसकी बुराई से, इसके रहने वालों की बुराई से, और जो कुछ इसमें है उसकी बुराई से।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Hakim।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma Rabbas-samāwātis-sab`i wa mā aẓlaln”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! सातों आसमानों और उनके साये में आने वाली हर चीज़ के रब”। स्रोत: Al-Hakim, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! सातों आसमानों और उनके साये में आने वाली हर चीज़ के रब, सातों ज़मीनों और उनके उठाए हुए हर चीज़ के रब, शैतानों और उनके गुमराह किए हुओं के रब, हवाओं और उनके उड़ाए हुए हर चीज़ के रब। मैं तुझसे इस शहर की भलाई माँगता हूँ, इसके रहने वालों की भलाई, और जो कुछ इसमें है उसकी भलाई। और तेरी पनाह माँगता हूँ इसकी बुराई से, इसके रहने वालों की बुराई से, और जो कुछ इसमें है उसकी बुराई से।
“शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma Rabbas-samāwātis-sab`i wa mā aẓlaln, Wa Rabba ‘l-arāḍīnas-sab`i wa mā aqlaln, wa Rabbash-shayāṭīni wa mā aḍlaln, wa Rabbar-riyāḥi wa mā dharayn. As'aluka khayra hādhihi ‘l-qaryah, wa khayra ahlihā, wa khayra māfīhā, wa a`ūdhu bika min sharrihā, wa sharri ahlihā, wa sharri mā fīhā.
“शहर या गाँव में दाख़िल होने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Al-Hakim। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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