हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर
हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर। सफ़र, शहर, हज और उमरा।
“हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “नबी ﷺ ने ऊँट पर सवार होकर तवाफ़ किया। जब भी आप रुक्न (जहाँ हजर-ए-असवद है) के पास से गुज़रते तो अपने…”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
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हिंदी अर्थ
नबी ﷺ ने ऊँट पर सवार होकर तवाफ़ किया। जब भी आप रुक्न (जहाँ हजर-ए-असवद है) के पास से गुज़रते तो अपने हाथ में पकड़ी हुई चीज़ से उसकी ओर इशारा करते और फ़रमाते: अल्लाहु अकबर (अल्लाह सबसे बड़ा है)!
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “नबी ﷺ ने ऊँट पर सवार होकर तवाफ़ किया। जब भी आप रुक्न (जहाँ हजर-ए-असवद है) के पास से गुज़रते तो अपने…”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर” की दुआ का अर्थ क्या है?
नबी ﷺ ने ऊँट पर सवार होकर तवाफ़ किया। जब भी आप रुक्न (जहाँ हजर-ए-असवद है) के पास से गुज़रते तो अपने हाथ में पकड़ी हुई चीज़ से उसकी ओर इशारा करते और फ़रमाते: अल्लाहु अकबर (अल्लाह सबसे बड़ा है)!
“हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): --
“हजर-ए-असवद के पास से गुज़रते समय तकबीर” की दुआ का स्रोत क्या है?
Al-Bukhari। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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