मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ
मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ। सफ़र, शहर, हज और उमरा।
“मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Astawdi`ukumu ‘llāha ‘l-ladhi lā taḍī`u wadā'i`uh”, और इसका अर्थ है: “मैं तुम्हें उस अल्लाह की अमानत में देता हूँ जिसकी अमानतें कभी ज़ाया नहीं होतीं”। स्रोत: Ahmad 2/403, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Astawdi`ukumu ‘llāha ‘l-ladhi lā taḍī`u wadā'i`uh.
हिंदी अर्थ
मैं तुम्हें उस अल्लाह की अमानत में देता हूँ जिसकी अमानतें कभी ज़ाया नहीं होतीं।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ahmad 2/403।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Astawdi`ukumu ‘llāha ‘l-ladhi lā taḍī`u wadā'i`uh”, और इसका अर्थ है: “मैं तुम्हें उस अल्लाह की अमानत में देता हूँ जिसकी अमानतें कभी ज़ाया नहीं होतीं”। स्रोत: Ahmad 2/403, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
मैं तुम्हें उस अल्लाह की अमानत में देता हूँ जिसकी अमानतें कभी ज़ाया नहीं होतीं।
“मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Astawdi`ukumu ‘llāha ‘l-ladhi lā taḍī`u wadā'i`uh.
“मुसाफ़िर की मुक़ीम के लिए दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Ahmad 2/403। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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