मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ (2 में से 2)

मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ। सफ़र, शहर, हज और उमरा।

“मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Zawwadaka ‘llāhut-taqwā”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह तुम्हें तक़वा का तोशा दे”। स्रोत: At-Tirmidhi, 3/155, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ: अरबी पाठ

زَوَّدَكَ اللَّهُ التقْوى،وَغَفَرَذَنْبَكَ،وَيَسَّرَ لَكَ الخَيْرَ حَيْثُما كُنْت

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Zawwadaka ‘llāhut-taqwā, wa ghafara dhanbak, wa yassara laka ‘l-khayra ḥaythu mā kunt.

हिंदी अर्थ

अल्लाह तुम्हें तक़वा का तोशा दे, तुम्हारे गुनाह बख़्श दे, और तुम जहाँ भी हो तुम्हारे लिए भलाई आसान कर दे।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: At-Tirmidhi, 3/155।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Zawwadaka ‘llāhut-taqwā”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह तुम्हें तक़वा का तोशा दे”। स्रोत: At-Tirmidhi, 3/155, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?

अल्लाह तुम्हें तक़वा का तोशा दे, तुम्हारे गुनाह बख़्श दे, और तुम जहाँ भी हो तुम्हारे लिए भलाई आसान कर दे।

“मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Zawwadaka ‘llāhut-taqwā, wa ghafara dhanbak, wa yassara laka ‘l-khayra ḥaythu mā kunt.

“मुक़ीम की मुसाफ़िर के लिए दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?

At-Tirmidhi, 3/155। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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