किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय

किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।

“किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Qaddarallāhu wa mā shā'a fa`al”, और इसका अर्थ है: “यह अल्लाह का फ़ैसला है और वह जो चाहता है करता है”। स्रोत: Muslim 4/2052, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय: अरबी पाठ

قَدَّرَ اللهُ وَما شاءَ فَعَل

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Qaddarallāhu wa mā shā'a fa`al.

हिंदी अर्थ

यह अल्लाह का फ़ैसला है और वह जो चाहता है करता है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/2052।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

“किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Qaddarallāhu wa mā shā'a fa`al”, और इसका अर्थ है: “यह अल्लाह का फ़ैसला है और वह जो चाहता है करता है”। स्रोत: Muslim 4/2052, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय” की दुआ का अर्थ क्या है?

यह अल्लाह का फ़ैसला है और वह जो चाहता है करता है।

“किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Qaddarallāhu wa mā shā'a fa`al.

“किसी मुसीबत या अचानक मामले के समय” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 4/2052। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

और दुआएँ: परेशानी, चिंता और हिफ़ाज़त · सभी दुआएँ