रुकूअ से उठने की दुआ (3 में से 2)
रुकूअ से उठने की दुआ। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।
“रुकूअ से उठने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “रुकूअ से उठने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Rabbanā wa lakal-ḥamd”, और इसका अर्थ है: “ऐ हमारे रब! तेरे ही लिए तारीफ़ है”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
रुकूअ से उठने की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Rabbanā wa lakal-ḥamd, ḥamdan kathīran ṭayyiban mubārakan fīh.
हिंदी अर्थ
ऐ हमारे रब! तेरे ही लिए तारीफ़ है, बहुत ज़्यादा, पाकीज़ा और बाबरकत तारीफ़।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “रुकूअ से उठने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“रुकूअ से उठने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “रुकूअ से उठने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Rabbanā wa lakal-ḥamd”, और इसका अर्थ है: “ऐ हमारे रब! तेरे ही लिए तारीफ़ है”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“रुकूअ से उठने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ हमारे रब! तेरे ही लिए तारीफ़ है, बहुत ज़्यादा, पाकीज़ा और बाबरकत तारीफ़।
“रुकूअ से उठने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Rabbanā wa lakal-ḥamd, ḥamdan kathīran ṭayyiban mubārakan fīh.
“रुकूअ से उठने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Al-Bukhari। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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