दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ
दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।
“दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “जो शख़्स सूरह अल-कहफ़ की शुरू की दस आयतें याद करेगा वह मसीह दज्जाल से महफ़ूज़ रहेगा”। स्रोत: Muslim 1/555, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
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हिंदी अर्थ
जो शख़्स सूरह अल-कहफ़ की शुरू की दस आयतें याद करेगा वह मसीह दज्जाल से महफ़ूज़ रहेगा, अगर वह हर नमाज़ में आख़िरी तशह्हुद के बाद सलाम फेरने से पहले मसीह दज्जाल के फ़ितनों से अल्लाह की पनाह माँगे।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/555।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “जो शख़्स सूरह अल-कहफ़ की शुरू की दस आयतें याद करेगा वह मसीह दज्जाल से महफ़ूज़ रहेगा”। स्रोत: Muslim 1/555, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
जो शख़्स सूरह अल-कहफ़ की शुरू की दस आयतें याद करेगा वह मसीह दज्जाल से महफ़ूज़ रहेगा, अगर वह हर नमाज़ में आख़िरी तशह्हुद के बाद सलाम फेरने से पहले मसीह दज्जाल के फ़ितनों से अल्लाह की पनाह माँगे।
“दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): --
“दज्जाल से हिफ़ाज़त की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 1/555। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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