तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद (2 में से 1)

तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।

“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ṣalli `alā Muḥammadinwa `alā ’āli Muḥammadin”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ और आल-ए-मुहम्मद पर रहमत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने इब्राहीम और आल-ए-इब्राहीम पर रहमत नाज़िल फ़रमाई, बेशक तू तारीफ़…”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद: अरबी पाठ

اللّهُمَّ صَلِّ عَلى مُحمَّد، وَعَلى آلِ مُحمَّد،كَما صَلَّيتَ عَلى إبْراهيمَ وَعَلى آلِ إبْراهيم،إِنَّكَ حَميدٌ مَجيد،اللّهُمَّ بارِكْ عَلى مُحمَّد، وَعَلى آلِ مُحمَّد،كَما بارِكْتَ عَلى إبْراهيمَ وَعَلى آلِ إبْراهيم،إِنَّكَ حَميدٌ مَجيد

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allāhumma ṣalli `alā Muḥammadinwa `alā ’āli Muḥammadin, kamā ṣallayta `alā 'Ibrāhīma wa `alā ’āli 'Ibrāhīma, 'innaka ḥamīdum-majīd. Allāhumma bārik `alā Muḥammadin wa `alā ’āli Muḥammadin, kamā bārakta `alā 'Ibrāhīma wa `alā 'āli 'Ibrāhīma, 'innaka ḥamīdum-majīd.

हिंदी अर्थ

ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ और आल-ए-मुहम्मद पर रहमत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने इब्राहीम और आल-ए-इब्राहीम पर रहमत नाज़िल फ़रमाई, बेशक तू तारीफ़ के लायक़, बुज़ुर्ग है। ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ और आल-ए-मुहम्मद पर बरकत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने इब्राहीम और आल-ए-इब्राहीम पर बरकत नाज़िल फ़रमाई, बेशक तू तारीफ़ के लायक़, बुज़ुर्ग है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ṣalli `alā Muḥammadinwa `alā ’āli Muḥammadin”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ और आल-ए-मुहम्मद पर रहमत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने इब्राहीम और आल-ए-इब्राहीम पर रहमत नाज़िल फ़रमाई, बेशक तू तारीफ़…”। स्रोत: Al-Bukhari, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” की दुआ का अर्थ क्या है?

ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ और आल-ए-मुहम्मद पर रहमत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने इब्राहीम और आल-ए-इब्राहीम पर रहमत नाज़िल फ़रमाई, बेशक तू तारीफ़ के लायक़, बुज़ुर्ग है। ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ और आल-ए-मुहम्मद पर बरकत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने इब्राहीम और आल-ए-इब्राहीम पर बरकत नाज़िल फ़रमाई, बेशक तू तारीफ़ के लायक़, बुज़ुर्ग है।

“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma ṣalli `alā Muḥammadinwa `alā ’āli Muḥammadin, kamā ṣallayta `alā 'Ibrāhīma wa `alā ’āli 'Ibrāhīma, 'innaka ḥamīdum-majīd. Allāhumma bārik `alā Muḥammadin wa `alā ’āli Muḥammadin, kamā bārakta `alā 'Ibrāhīma wa `alā 'āli 'Ibrāhīma, 'innaka ḥamīdum-majīd.

“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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