तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद (2 में से 2)
तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद। अज़ान, मस्जिद, नमाज़ के अंदर और बाद।
“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ṣalli `alā Muḥammadin”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ पर और उनकी पत्नियों और औलाद पर रहमत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने आल-ए-इब्राहीम पर रहमत नाज़िल फ़रमाई”। स्रोत: Muslim 1/306, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma ṣalli `alā Muḥammadin wa `alā 'azwājihi wa dhurriyyatihi, kamā ṣallayta `alā 'āli 'Ibrāhīma. Wa bārik `alā Muḥammadin wa `alā 'azwājihi wa dhurriyyatihi, kamā bārakta `alā 'āli 'Ibrāhīma. 'Innaka ḥamīdum-majīd.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ पर और उनकी पत्नियों और औलाद पर रहमत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने आल-ए-इब्राहीम पर रहमत नाज़िल फ़रमाई। और मुहम्मद ﷺ और उनकी पत्नियों और औलाद पर बरकत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने आल-ए-इब्राहीम पर बरकत नाज़िल फ़रमाई, बेशक तू तारीफ़ से भरपूर, बुज़ुर्ग है।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/306।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” के अंतर्गत आने वाली 2 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma ṣalli `alā Muḥammadin”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ पर और उनकी पत्नियों और औलाद पर रहमत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने आल-ए-इब्राहीम पर रहमत नाज़िल फ़रमाई”। स्रोत: Muslim 1/306, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! मुहम्मद ﷺ पर और उनकी पत्नियों और औलाद पर रहमत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने आल-ए-इब्राहीम पर रहमत नाज़िल फ़रमाई। और मुहम्मद ﷺ और उनकी पत्नियों और औलाद पर बरकत नाज़िल फ़रमा जैसे तूने आल-ए-इब्राहीम पर बरकत नाज़िल फ़रमाई, बेशक तू तारीफ़ से भरपूर, बुज़ुर्ग है।
“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma ṣalli `alā Muḥammadin wa `alā 'azwājihi wa dhurriyyatihi, kamā ṣallayta `alā 'āli 'Ibrāhīma. Wa bārik `alā Muḥammadin wa `alā 'azwājihi wa dhurriyyatihi, kamā bārakta `alā 'āli 'Ibrāhīma. 'Innaka ḥamīdum-majīd.
“तशह्हुद के बाद नबी ﷺ पर दुरूद” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 1/306। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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