मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ
मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ। खाने से पहले और बाद, इफ़्तार।
“मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma bārik lahum fī mā razaqtahum”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! उन्हें उस रिज़्क़ में बरकत दे जो तूने उन्हें दिया”। स्रोत: Muslim 3/1615, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma bārik lahum fī mā razaqtahum, wagh’fir lahum warḥamhum.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! उन्हें उस रिज़्क़ में बरकत दे जो तूने उन्हें दिया, और उन्हें बख़्श दे और उन पर रहम फ़रमा।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 3/1615।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma bārik lahum fī mā razaqtahum”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! उन्हें उस रिज़्क़ में बरकत दे जो तूने उन्हें दिया”। स्रोत: Muslim 3/1615, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! उन्हें उस रिज़्क़ में बरकत दे जो तूने उन्हें दिया, और उन्हें बख़्श दे और उन पर रहम फ़रमा।
“मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma bārik lahum fī mā razaqtahum, wagh’fir lahum warḥamhum.
“मेहमान की मेज़बान के लिए दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 3/1615। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
संबंधित दुआएँ
- इफ़्तार के समय की दुआذَهَبَ الظَّمَأُ،प्यास बुझ गई, नसें तर हो गईं, और अल्लाह ने चाहा तो अज्र पक्का हो गया।
- इफ़्तार के समय की दुआاللّهُمَّ إِنَّي أَسْأَلُكَ بِرَحْمَتِكَ الّتي وَسِعَت كُلَّ شيء،ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरी उस रहमत के वास्ते सवाल करता हूँ जो हर चीज़ को घेरे हुए है कि तू म…
- खाने से पहले की दुआإِذَا أَكَلَ أَحَدُكُمْ طَعَاماً فَلْيَقُلْअल्लाह के नाम से। इसके शुरू में भी और आख़िर में भी अल्लाह के नाम से।
- खाने से पहले की दुआ«اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيهِऐ अल्लाह! हमें इसमें बरकत दे और हमें इससे बेहतर खिला। ऐ अल्लाह! हमें इसमें बरकत दे और हमें…