शिर्क के डर की दुआ
शिर्क के डर की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।
“शिर्क के डर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“शिर्क के डर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma innī a`ūdhu bika an ushrika bika wa anā…”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ इससे कि जानते-बूझते तेरे साथ किसी को शरीक करूँ”। स्रोत: Ahmad 4/403, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
शिर्क के डर की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allāhumma innī a`ūdhu bika an ushrika bika wa anā a`lam, wa astaghfiruka limā lā a`lam.
हिंदी अर्थ
ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ इससे कि जानते-बूझते तेरे साथ किसी को शरीक करूँ, और जो मैं नहीं जानता उसके लिए तुझसे बख़्शिश माँगता हूँ।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “शिर्क के डर की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ahmad 4/403।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“शिर्क के डर की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
“शिर्क के डर की दुआ” के अंतर्गत आने वाली दुआ इस तरह शुरू होती है: “Allāhumma innī a`ūdhu bika an ushrika bika wa anā…”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ इससे कि जानते-बूझते तेरे साथ किसी को शरीक करूँ”। स्रोत: Ahmad 4/403, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“शिर्क के डर की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह माँगता हूँ इससे कि जानते-बूझते तेरे साथ किसी को शरीक करूँ, और जो मैं नहीं जानता उसके लिए तुझसे बख़्शिश माँगता हूँ।
“शिर्क के डर की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Allāhumma innī a`ūdhu bika an ushrika bika wa anā a`lam, wa astaghfiruka limā lā a`lam.
“शिर्क के डर की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Ahmad 4/403। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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