शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ (3 में से 1)
शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “A`ūdhu billāhi minash-shayṭānir-rajīm”, और इसका अर्थ है: “उसके शर से अल्लाह की पनाह माँगना (यानी «मैं मरदूद शैतान से अल्लाह की पनाह माँगता हूँ» कहना)”। स्रोत: Abu Dawud 1/206, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
A`ūdhu billāhi minash-shayṭānir-rajīm.
हिंदी अर्थ
उसके शर से अल्लाह की पनाह माँगना (यानी «मैं मरदूद शैतान से अल्लाह की पनाह माँगता हूँ» कहना)।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Abu Dawud 1/206।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “A`ūdhu billāhi minash-shayṭānir-rajīm”, और इसका अर्थ है: “उसके शर से अल्लाह की पनाह माँगना (यानी «मैं मरदूद शैतान से अल्लाह की पनाह माँगता हूँ» कहना)”। स्रोत: Abu Dawud 1/206, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
उसके शर से अल्लाह की पनाह माँगना (यानी «मैं मरदूद शैतान से अल्लाह की पनाह माँगता हूँ» कहना)।
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): A`ūdhu billāhi minash-shayṭānir-rajīm.
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Abu Dawud 1/206। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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