शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ (3 में से 3)
शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ। फ़िक्र, मुश्किल, डर और हिफ़ाज़त।
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के ज़िक्र के कलिमात कहना और क़ुरआन की तिलावत करना”। स्रोत: Muslim 1/539, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
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हिंदी अर्थ
अल्लाह के ज़िक्र के कलिमात कहना और क़ुरआन की तिलावत करना।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 1/539।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” के अंतर्गत आने वाली 3 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के ज़िक्र के कलिमात कहना और क़ुरआन की तिलावत करना”। स्रोत: Muslim 1/539, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” की दुआ का अर्थ क्या है?
अल्लाह के ज़िक्र के कलिमात कहना और क़ुरआन की तिलावत करना।
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): --
“शैतान और उसके वसवसे दूर करने की दुआ” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 1/539। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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