तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत (12 में से 10)
तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत। इस्तिग़फ़ार, तस्बीह, तहमीद।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Whenever anyone accepted Islam, the Prophet (ﷺ) used to…”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे, मुझ पर रहम फ़रमा, मुझे हिदायत दे, मुझे आफ़ियत दे और मुझे रिज़्क़ दे”। स्रोत: Muslim 4/2073, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Whenever anyone accepted Islam, the Prophet (ﷺ) used to teach him how to pray then he would instruct him to invoke Allah with the following words: Allāhummaghfir lī, warḥamnī, waḥdinī, wa `āfinī warzuqnī.
हिंदी अर्थ
जब कोई इस्लाम क़ुबूल करता तो नबी ﷺ उसे नमाज़ पढ़ना सिखाते, फिर उसे इन कलिमात से अल्लाह से दुआ करने की तलक़ीन फ़रमाते: ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे, मुझ पर रहम फ़रमा, मुझे हिदायत दे, मुझे आफ़ियत दे और मुझे रिज़्क़ दे।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/2073।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Whenever anyone accepted Islam, the Prophet (ﷺ) used to…”, और इसका अर्थ है: “ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे, मुझ पर रहम फ़रमा, मुझे हिदायत दे, मुझे आफ़ियत दे और मुझे रिज़्क़ दे”। स्रोत: Muslim 4/2073, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का अर्थ क्या है?
ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे, मुझ पर रहम फ़रमा, मुझे हिदायत दे, मुझे आफ़ियत दे और मुझे रिज़्क़ दे।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Whenever anyone accepted Islam, the Prophet (ﷺ) used to teach him how to Allāhummaghfir lī, warḥamnī, waḥdinī, wa `āfinī warzuqnī.
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 4/2073। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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