तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत (12 में से 3)

तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत। इस्तिग़फ़ार, तस्बीह, तहमीद।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāhi wa biḥamdih”, और इसका अर्थ है: “मैं अल्लाह को पाक कहता हूँ और उसकी तारीफ़ करता हूँ, अज़मत वाला अल्लाह पाक है”। स्रोत: Al-Bukhari 7/168, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत: अरबी पाठ

وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: كَلِمَتَانِ خَفِيفَتَانِ عَلَى اللِّسَانِ، ثَقِيلَتَانِ فِي الْمِيزَانِ، حَبِيبَتَانِ إِلَى الرَّحْمَنِ: (سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ)، (سُبْحانَ اللَّهِ الْعَظِيمِ)

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allah's Messenger (ﷺ) said: Two words are light on the tongue, weigh heavily in the balance, and are loved by the Most Merciful One: Subḥānallāhi wa biḥamdih, Subḥānallāhi ‘l-`Aẓīm.

हिंदी अर्थ

अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: दो कलिमे ज़बान पर हल्के, तराज़ू में भारी और रहमान को महबूब हैं: मैं अल्लाह को पाक कहता हूँ और उसकी तारीफ़ करता हूँ, अज़मत वाला अल्लाह पाक है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Al-Bukhari 7/168।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāhi wa biḥamdih”, और इसका अर्थ है: “मैं अल्लाह को पाक कहता हूँ और उसकी तारीफ़ करता हूँ, अज़मत वाला अल्लाह पाक है”। स्रोत: Al-Bukhari 7/168, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का अर्थ क्या है?

मैं अल्लाह को पाक कहता हूँ और उसकी तारीफ़ करता हूँ, अज़मत वाला अल्लाह पाक है।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Subḥānallāhi wa biḥamdih, Subḥānallāhi ‘l-`Aẓīm.

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का स्रोत क्या है?

Al-Bukhari 7/168। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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