तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत (12 में से 5)

तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत। इस्तिग़फ़ार, तस्बीह, तहमीद।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “क्या तुममें से कोई एक दिन में हज़ार नेकियाँ कमाने से आजिज़ है?”। स्रोत: Muslim 4/2073, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत: अरबी पाठ

وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: أَيَعْجِزُ أَحَدُكُم أَنْ يَكْسِبَ كُلَّ يَوْمٍ أَلْفَ حَسَنَةٍ؟ فَسَأَلَهُ سَائِلٌ مِنْ جُلَسَائِهِ كَيْفَ يَكْسِبُ أَحَدُنَا أَلْفَ حَسَنَةٍ؟ قَالَ: يُسَبِّحُ مِائَةَ تَسْبِيحَةٍ، فَيُكتَبُ لَهُ أَلْفُ حَسَنَةٍ أَوْ يُحَطُّ عَنْهُ أَلْفُ خَطِيئَةٍ.

उच्चारण (लिप्यंतरण)

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हिंदी अर्थ

अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “क्या तुममें से कोई एक दिन में हज़ार नेकियाँ कमाने से आजिज़ है?” उनकी मजलिस में से किसी ने पूछा: “हममें से कोई हज़ार नेकियाँ कैसे कमा सकता है?” आपने फ़रमाया: “सौ बार अल्लाह की तस्बीह करो, तुम्हारे लिए हज़ार नेकियाँ लिख दी जाएँगी या हज़ार गुनाह मिटा दिए जाएँगे।”

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/2073।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “--”, और इसका अर्थ है: “क्या तुममें से कोई एक दिन में हज़ार नेकियाँ कमाने से आजिज़ है?”। स्रोत: Muslim 4/2073, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का अर्थ क्या है?

क्या तुममें से कोई एक दिन में हज़ार नेकियाँ कमाने से आजिज़ है?” उनकी मजलिस में से किसी ने पूछा: “हममें से कोई हज़ार नेकियाँ कैसे कमा सकता है?” आपने फ़रमाया: “सौ बार अल्लाह की तस्बीह करो, तुम्हारे लिए हज़ार नेकियाँ लिख दी जाएँगी या हज़ार गुनाह मिटा दिए जाएँगे।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): --

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 4/2073। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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