तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत (12 में से 6)
तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत। इस्तिग़फ़ार, तस्बीह, तहमीद।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāhi ‘l-'Aẓīmi wa biḥamdih”, और इसका अर्थ है: “अज़मत वाला अल्लाह पाक है और उसी की तारीफ़ है”। स्रोत: At-Tirmidhi 5/511, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Whoever says: Subḥānallāhi ‘l-'Aẓīmi wa biḥamdih will have a date palm planted for him in Paradise.
हिंदी अर्थ
जो शख़्स कहे: अज़मत वाला अल्लाह पाक है और उसी की तारीफ़ है, उसके लिए जन्नत में खजूर का एक पेड़ लगा दिया जाता है।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: At-Tirmidhi 5/511।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāhi ‘l-'Aẓīmi wa biḥamdih”, और इसका अर्थ है: “अज़मत वाला अल्लाह पाक है और उसी की तारीफ़ है”। स्रोत: At-Tirmidhi 5/511, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का अर्थ क्या है?
अज़मत वाला अल्लाह पाक है और उसी की तारीफ़ है, उसके लिए जन्नत में खजूर का एक पेड़ लगा दिया जाता है।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Subḥānallāhi ‘l-'Aẓīmi wa biḥamdih will have a date palm planted for him in Paradise.
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का स्रोत क्या है?
At-Tirmidhi 5/511। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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