तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत (12 में से 7)

तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत। इस्तिग़फ़ार, तस्बीह, तहमीद।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allah's Messenger (ﷺ) said: "O Abdullah bin Qais, should…”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “ऐ अब्दुल्लाह बिन क़ैस! क्या मैं तुम्हें जन्नत के ख़ज़ानों में से एक ख़ज़ाना न बताऊँ?”। स्रोत: Muslim 4/2076, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत: अरबी पाठ

وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: يَا عَبْدَ اللَّهِ بْنَ قَيْسٍ أَلاَ أَدُلُّكَ عَلَى كَنْزٍ مِنْ كُنُوزِ الْجَنَّةِ؟ فَقُلْتُ: بَلَى يَا رَسُولَ اللَّهِ، قَالَ: قُلْ (لاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ).

उच्चारण (लिप्यंतरण)

Allah's Messenger (ﷺ) said: "O Abdullah bin Qais, should I not point you to one of the treasures of Paradise?" I said, "Yes, O Messenger of Allah." So he told me to say: Lā ḥawla wa lā quwwata 'illā billāh.

हिंदी अर्थ

अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “ऐ अब्दुल्लाह बिन क़ैस! क्या मैं तुम्हें जन्नत के ख़ज़ानों में से एक ख़ज़ाना न बताऊँ?” मैंने कहा: “जी हाँ, ऐ अल्लाह के रसूल।” तो आपने मुझे यह कहने को फ़रमाया: गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है।

कब और कैसे पढ़ें

हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” शीर्षक के अंतर्गत दी है।

स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।

यह दुआ कहाँ से है?

यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 4/2076।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?

हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Allah's Messenger (ﷺ) said: "O Abdullah bin Qais, should…”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “ऐ अब्दुल्लाह बिन क़ैस! क्या मैं तुम्हें जन्नत के ख़ज़ानों में से एक ख़ज़ाना न बताऊँ?”। स्रोत: Muslim 4/2076, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का अर्थ क्या है?

अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “ऐ अब्दुल्लाह बिन क़ैस! क्या मैं तुम्हें जन्नत के ख़ज़ानों में से एक ख़ज़ाना न बताऊँ?” मैंने कहा: “जी हाँ, ऐ अल्लाह के रसूल।” गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है।

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?

उच्चारण (लिप्यंतरण): Allah's Messenger (ﷺ) said: "O Abdullah bin Qais, should I not point you to one of the treasures of Paradise?" I said, "Yes, O Messenger of Allah." Lā ḥawla wa lā quwwata 'illā billāh.

“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का स्रोत क्या है?

Muslim 4/2076। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।

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