तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत (12 में से 12)
तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत। इस्तिग़फ़ार, तस्बीह, तहमीद।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāh”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह पाक है”। स्रोत: Ahmad, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
The good deeds which endure are: Subḥānallāh. Walḥamdu lillāh. Wa lā ilāha illallāh Wallāhu Akbar Wa lā ḥawla wa lā quwwata illā billāh.
हिंदी अर्थ
बाक़ी रहने वाली नेकियाँ ये हैं: अल्लाह पाक है, और तारीफ़ अल्लाह के लिए है, और अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, और अल्लाह सबसे बड़ा है, और गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Ahmad।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāh”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह पाक है”। स्रोत: Ahmad, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का अर्थ क्या है?
अल्लाह पाक है, और तारीफ़ अल्लाह के लिए है, और अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, और अल्लाह सबसे बड़ा है, और गुनाह से बचने की ताक़त और नेकी की शक्ति केवल अल्लाह की तौफ़ीक़ से है।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Subḥānallāh. Walḥamdu lillāh. Wa lā ilāha illallāh Wallāhu Akbar Wa lā ḥawla wa lā quwwata illā billāh.
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का स्रोत क्या है?
Ahmad। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
संबंधित दुआएँ
- तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलतقَالَ صلى الله عليه وسلم: مَنْ قَالَ (سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ) فِي يَوْمٍ مِائَةَ مَرَّةٍ حُطَّتْ خَطَايَاهُ وَلَوْ كَانَتْ مِثْلَ زَبَدِ الْبَحْر.मैं अल्लाह को पाक कहता हूँ और उसकी तारीफ़ करता हूँ, उसके गुनाह बख़्श दिए जाते हैं चाहे वे …
- तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलतوَقَالَ صلى الله عليه وسلم: مَنْ قَالَ (لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ، وَلَهُ الْحَمْدُ، وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ) عَشْرَ مِرَارٍ، كَانَ كَمَنْ أَعْتَقَ أَرْبَعَةَ أَنْفُسٍ مِنْ وَلَدِ إِسْمَاعِيلَअल्लाह अकेले के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, उसका कोई साझी नहीं। उसी की बादशाहत है और उसी…
- तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलतوَقَالَ صلى الله عليه وسلم: كَلِمَتَانِ خَفِيفَتَانِ عَلَى اللِّسَانِ، ثَقِيلَتَانِ فِي الْمِيزَانِ، حَبِيبَتَانِ إِلَى الرَّحْمَنِ: (سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ)، (سُبْحانَ اللَّهِ الْعَظِيمِ)मैं अल्लाह को पाक कहता हूँ और उसकी तारीफ़ करता हूँ, अज़मत वाला अल्लाह पाक है।
- तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलतوَقَالَ صلى الله عليه وسلم: لَأَنْ أَقُولَ (سُبْحَانَ اللَّهِ، وَالْحَمْدُ لِلَّهِ، وَلاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ، وَاللَّهُ أَكْبَرُ)، أَحَبُّ إِلَيَّ مِمَّا طَلَعَتْ عَلَيْهِ الشَّمسُ.अल्लाह पाक है, और तारीफ़ अल्लाह के लिए है, और अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, और अ…