तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत (12 में से 8)
तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत। इस्तिग़फ़ार, तस्बीह, तहमीद।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāh”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह पाक है”। स्रोत: Muslim 3/1685, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत: अरबी पाठ
उच्चारण (लिप्यंतरण)
Allah's Messenger (ﷺ) said: The most beloved words to Allah are four: Subḥānallāh Walḥamdu lillāh. Wa lā ilāha illallāh Wallāhu Akbar.
हिंदी अर्थ
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: अल्लाह को सबसे महबूब कलिमात चार हैं: अल्लाह पाक है, और तारीफ़ अल्लाह के लिए है, और अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, और अल्लाह सबसे बड़ा है।
कब और कैसे पढ़ें
हिस्न अल-मुस्लिम ने यह दुआ “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” शीर्षक के अंतर्गत दी है।
स्रोत में दोहराने की कोई निश्चित संख्या नहीं दी गई है।
यह दुआ कहाँ से है?
यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम से है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है और सईद बिन अली अल-क़हतानी ने संकलित किया। स्रोत: Muslim 3/1685।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत कौन-सी दुआ है?
हिस्न अल-मुस्लिम में “तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” के अंतर्गत आने वाली 12 दुआओं में से एक इस तरह शुरू होती है: “Subḥānallāh”, और इसका अर्थ है: “अल्लाह पाक है”। स्रोत: Muslim 3/1685, और यह हिस्न अल-मुस्लिम में संकलित है।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का अर्थ क्या है?
अल्लाह पाक है, और तारीफ़ अल्लाह के लिए है, और अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, और अल्लाह सबसे बड़ा है।
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ कैसे पढ़ी जाती है?
उच्चारण (लिप्यंतरण): Subḥānallāh Walḥamdu lillāh. Wa lā ilāha illallāh Wallāhu Akbar.
“तस्बीह, तहमीद, तहलील और तकबीर की फ़ज़ीलत” की दुआ का स्रोत क्या है?
Muslim 3/1685। यह दुआ हिस्न अल-मुस्लिम में है, जो क़ुरआन और सुन्नत की दुआओं का संग्रह है।
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